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महाराष्ट्र में MNS कार्यकर्ताओं ने दिखाई दबंगई, मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर होटलों से उतारे गुजराती साइनबोर्ड

Reported By : Sameer Bhaudas Bhise Edited By : Vineet Kumar Singh Published : Jul 25, 2025 01:08 pm IST, Updated : Jul 25, 2025 01:08 pm IST

महाराष्ट्र में MNS कार्यकर्ताओं ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर गुजराती साइनबोर्ड हटा दिए हैं। उन्होंने मराठी साइनबोर्ड लगाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि होटल के मालिकों ने बात नहीं मानी तो कार्रवाई जारी रहेगी।

MNS Marathi language demand, Gujarati signboards removal- India TV Hindi
Image Source : REPORTERS INPUT गुजराती साइनबोर्ड को तोड़कर हटाते MNS के कार्यकर्ता।

मुंबई: महाराष्ट्र में भाषाई विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर स्थित होटलों और ढाबों से गुजराती भाषा के साइनबोर्ड हटाने की खबरें सामने आ रही हैं। MNS ने मांग की है कि महाराष्ट्र में सभी साइनबोर्ड मराठी भाषा में लगाए जाएं। पालघर जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया और चेतावनी दी कि यदि गुजराती साइनबोर्ड नहीं हटाए गए, तो आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।

होटलों पर गुजराती भाषा के साइनबोर्ड लगे थे

बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के किनारे कई ढाबों और होटलों पर गुजराती भाषा के साइनबोर्ड लगे थे, जिनका स्थानीय मराठी समुदाय लंबे समय से विरोध कर रहा था। MNS ने इस मुद्दे को उठाते हुए आक्रामक रुख अपनाया और कई जगहों से गुजराती साइनबोर्ड हटा दिए। कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि वे स्वयं गुजराती बोर्ड हटाकर मराठी भाषा के बोर्ड लगाएं, अन्यथा MNS भविष्य में भी साइनबोर्ड हटाने की कार्रवाई करेगा। बता दें कि MNS लंबे समय से महाराष्ट्र में मराठी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने की मांग करती रही है और उसके कार्यकर्ता दंबंगई दिखाते रहे हैं।

हिंदीभाषियों पर भी हमला कर चुके हैं MNS कार्यकर्ता

MNS का कहना है कि महाराष्ट्र में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर मराठी भाषा में साइनबोर्ड होना अनिवार्य है। बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब MNS ने भाषा को लेकर आक्रामक रवैया अपनाया हो। इससे पहले भी पार्टी हिंदीभाषियों के खिलाफ दादागिरी दिखा चुकी है। पिछले कुछ महीनों में MNS के कार्यकर्ताओं द्वारा हिंदीभाषियों के साथ मारपीट की भी कई खबरें सामने आई हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि राज ठाकरे की पार्टी यह सब आगामी BMC चुनावों में खुद को बनाए रखने के लिए कर रही है। बता दें कि पिछले कुछ चुनावों से MNS का प्रदर्शन काफी खराब रहा है।

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