मुंबई: कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने उद्धव ठाकरे को आंख दिखाते हुए उनके धुर-विरोधी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया है। इसे लेकर सियासी गलियारों में विवाद खड़ा हो गया है। इस पर उद्धव गुट की शिवसेना-यूबीटी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं का यह कदम राज ठाकरे की आधिकारिक भूमिका के खिलाफ है।
"यह उनकी पार्टी का काम नहीं है"
संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि राज ठाकरे स्थानीय लोगों के इस फैसले से बहुत दुखी हैं। राज साहब कहते हैं कि यह उनका काम नहीं है। यह उनकी पार्टी का काम नहीं है... अगर स्थानीय लोगों ने पार्टी के खिलाफ फैसला लिया है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जैसे अंबरनाथ में जब 12 कांग्रेस पार्षदों ने बीजेपी ज्वॉइन की, तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। हमारी पार्टी में भी जो भी हमारे खिलाफ काम करता है, उसे निकाल दिया जाता है।"
शिंदे गुट के पास सबसे ज्यादा 53 सीटें
दरअसल, कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव में राज ठाकरे की पार्टी MNS अपने चचरे भाई उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना-यूबीटी के साथ सत्तारूढ़ महायुति (बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना का गठबंधन) के खिलाफ लड़ी थी। अब राज ठाकरे की पार्टी के इस फैसले के बाद शिवसेना-यूबीटी के साथ उनके गठबंधन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बता दें कि KDMC चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। 122 सीटों में से शिवसेना (शिंदे गुट) को 53, बीजेपी को 50 सीटें मिली हैं। यहां बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 62 सीट चाहिए।
किस पार्टी को मिली कितनी सीटें?
- शिवसेना (शिंदे गुट)- 53
- बीजेपी- 50
- शिवसेना-UBT (उद्धव गुट)- 11
- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS)- 05
- कांग्रेस- 02
- NCP (शरद पवार)- 01
ये भी पढ़ें-
"दुनिया बेंगलुरु के नजरिए से देखती है भारत", दावोस में बोले डीके शिवकुमार, जानें और क्या कहा