आपका CIBIL स्कोर दरअसल आपकी CIBIL रिपोर्ट का तीन अंकों का संक्षिप्त आंकड़ा होता है, जो आपकी पूरी क्रेडिट हिस्ट्री का सार प्रस्तुत करता है। यह स्कोर इस बात को दर्शाता है कि आपने पहले लिए गए लोन और क्रेडिट कार्ड की देनदारियों का भुगतान कितनी जिम्मेदारी और समयबद्ध तरीके से किया है।
देश में लाखों ऐसे लोग हैं जिन्होंने कभी बैंक से कर्ज नहीं लिया, इसलिए उनका कोई क्रेडिट इतिहास नहीं है। नतीजा यह होता है कि जब वे पहली बार लोन के लिए आवेदन करते हैं तो सिबिल स्कोर न होने के कारण उन्हें आसानी से मंजूरी नहीं मिलती। अब केंद्र सरकार इस स्थिति को बदलने की तैयारी में है।
अगर आप समय पर भुगतान करें, क्रेडिट का सीमित उपयोग करें और अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में मौजूद गलतियों को ठीक करवाएं, तो सिर्फ 30 दिनों में भी क्रेडिट स्कोर में सुधार देखा जा सकता है।
CIBIL स्कोर जिसे क्रेडिट स्कोर के तौर पर भी जाना जाता है, एक तीन अंकों की संख्या होती है, जो यह बताती है कि आपने अपने पिछले लोन और क्रेडिट कार्ड का भुगतान कितनी ईमानदारी से किया है। इसे 300 से 900 के बीच आंका जाता है।
बैंक लगातार चेक बाउंस मामलों को लेकर सावधान रहते हैं। सिबिल स्कोर के कमजोर होने से बैंक यह मान लेता है कि आप समय पर EMI चुकाने में असमर्थ हो सकते हैं।
मौजूदा समय में लोन लेने के लिए बेहतर क्रेडिट स्कोर होना जरूरी है। इसके बिना लोन मिलना बहुत मुश्किल है।
किसी के सिबिल स्कोर का आकलन 300 से 900 अंकों के बीच किया जाता है। बैंक इसी के आधार पर कर्ज देने का फैसला करते हैं।
क्रेडिट कार्ड बकाया पेमेंट में भले ही आपको लगे कि आपने अपना पेमेंट एक दिन या एक सप्ताह से चूका है, लेकिन आपकी ब्याज देयता आपके अनुमान से ज्यादा हो सकती है।
सबसे पहले CIBIL से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की एक कॉपी हासिल करें। अपने क्रेडिट कार्ड अकाउंट का डिटेल देने वाले सेक्शन को देखें। स्टेटस अब 'सेटल' के रूप में दिखाई देनी चाहिए।
Credit Score खराब है तो उसे आसानी से ठीक कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कई काम करने होंगे।
भारत में दोपहिया वाहन खरीदने के लिए, आपको 750 या उससे अधिक का क्रेडिट स्कोर बनाए रखना होगा। ऐसे में आपको अपने सिबिल को सुधारने पर फोकस करना चाहिए।
अगर आपके पास कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, तो इसका मतलब है कि आप नए हैं। कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होने का मतलब है कोई हाई/लो क्रेडिट स्कोर नहीं है। यह शुरू में एक अच्छी बात लग सकती है, लेकिन जब किसी भी तरह के लोन लेने का समय आता है, तो इससे परेशानी हो सकती है।
एक तय अवधि में लिए जाने वाले लोन की संख्या कम से कम रखने की कोशिश करें। सिबिल स्कोर को घटने से बचाने के लिए एक लोन चुकाएं और फिर दूसरा लें। अगर आप एक साथ कई लोन लेते हैं, तो यह दिखाएगा कि आप एक ऐसे चक्र में फंसे हुए हैं जहां आपके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं।
एक हाई क्रेडिट स्कोर आपको अधिक बार्गेनिंग पावर देता है, यानी आप अपनी मनपसंद डील पाने के लिए मोलभाव कर सकते हैं। आप कम ब्याज दर पर लोन पा सकते हैं।
एक तय अवधि में लिए जाने वाले लोन की संख्या कम से कम रखने की कोशिश करें। सिबिल स्कोर को घटने से बचाने के लिए एक लोन चुकाएं और फिर दूसरा लें।
क्रेडिट स्कोर की मदद से ही बैंक ये पता लगाते हैं कि किसी ग्राहक को लोन देने में कितना रिस्क है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर कुछ ज्यादा ही खराब है तो बैंक आपको लोन देने से सीधा मना कर सकता है।
CIBIL score : हाई क्रिडिट स्कोर वाले आवेदकों के लिए ऋणदाता अक्सर अप्रूवल प्रोसेस को फास्ट करते हैं, क्योंकि उन पर जोखिम कम होता है।
आपको अच्छा क्रेडिट व्यवहार प्रदर्शित करना जारी रखना चाहिए और अपना स्कोर और बढ़ाना चाहिए। इसके लिए आपको और वित्तीय अनुशासन का पालन करना चाहिए। सिबिल स्कोर का लोन और क्रेडिट कार्ड से सीधा कनेक्शन होता है।
CIBIL, इक्विफैक्स, एक्सपीरियन और हाई मार्क क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज भारत में प्रसिद्ध क्रेडिट स्कोर देने वाली कंपनियां हैं।
RBI New Rule: केंद्रीय बैंक द्वारा कहा गया है कि अगर कोई क्रेडिट इंस्टीट्यूशन गलत क्रेडिट रिपोर्ट को सही करने में 30 से अधिक का समय लगता है तो उसे ग्राहक को मुआवजा देना होगा।
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