शिवराज सिंह चौहान ने सही समय पर, किफायती दामों पर और मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
फसल बीमा योजना के तहत, किसानों को खरीफ फसलों के बीमा के लिए सिर्फ 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है, जबकि बाकी प्रीमियम का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार करती हैं।
यूपी सरकार के अनुसार, सब्सिडी के लिए रजिस्ट्रेशन 27 जून से शुरू हुआ है, जो 12 जुलाई तक चलेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित ब्याज छूट योजना (MISS) के अंतर्गत ब्याज छूट (IS) घटक को जारी रखने और आवश्यक निधि व्यवस्था को मंजूरी दी।
गेहूं विपणन सत्र अप्रैल से मार्च तक चलता है, लेकिन खरीद का बड़ा हिस्सा पहले तीन महीनों में ही होता है।
राज्यों के सहयोग से केंद्र कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों सहित अन्य की 2,000 टीमें बनाएगा। हर टीम की जिला स्तर पर हर दिन तीन बैठकें होंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में फैसला लिया गया।
देश के लगभग 83,500 किसानों को सरकार की तरफ से दी गई राहत का फायदा मिलेगा। किसानों का समय बचेगा और उन्हें सुविधा होगी।
इस साल बेहतर मानसून होने की उम्मीद से किसानों की आय बढ़ सकती है। साथ ही महंगाई को काबू करने में मदद मिलेगी।
यीडा के सीईओ अरुणवीर सिंह के मुताबिक, 28 मार्च को हुई एक अहम मीटिंग में 9200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया था।
आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में नैफेड और एनसीसीएफ के जरिये एमएसपी पर खरीद जारी है और बीते 25 मार्च तक इन राज्यों में कुल 2.46 लाख मीट्रिक टन अरहर की खरीद की गई है।
उन किसानों को 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिनकी जमीन यीडा औद्योगिक और अन्य शहरीकरण परियोजनाओं के लिए खरीदी जानी है।
धार जिले से इंदौर की मंडी में टमाटर बेचने आए किसान दिनेश मुवेल के मुताबिक उन्होंने 2 लाख रुपये का कर्ज लेकर दो एकड़ जमीन में टमाटर की बुवाई की थी, लेकिन इस सब्जी के भाव गिरने से उन्हें खेती में भारी घाटा हुआ है।
पंजाब सरकार घटते भूजल को रोकने के लिए धान की सीधी बुआई (DSR) तकनीक अपनाने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। सरकार की इस पहल को किसानों से अच्छा रिस्पांस मिला है। खरीफ सीजन 2024 के दौरान डीएसआर के तहत कुल 2.53 लाख एकड़ क्षेत्र में खेती की गई।
पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार लीची का उत्पादन बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। मान सरकार की कोशिश है कि किसानों की इनकम को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाया जाए। राज्य सरकार पठानकोट जिले की बेस्ट क्वालिटी वाली लीची को विदेशों में निर्यात करने का काम कर रही है।
एलएचडीसीपी के तहत वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 3,880 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना में कुछ संशोधनों को मंजूरी दी गई।
मोदी ने कहा कि बजट से पहले सभी हितधारकों से मिली सूचनाओं और सुझावों से इसे तैयार करने में मदद मिली।
पीएम मोदी ने सोमवार को कुल 98131928 किसानों को कुल 221246500000 रुपये जारी किये हैं। बड़ी संख्या में इस योजना का लाभ किसानों को मिला है।
सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत अब तक कुल 3.46 लाख करोड़ रुपये वितरित किए हैं और 19वीं किस्त जारी होने के बाद यह संख्या बढ़कर 3.68 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी।
गेहूं उत्पादक किसानों को भी उपज के लिए 2,600 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता मिलेगी। इसके अलावा, सरकार डेयरी किसानों से दूध खरीदेगी और उन्हें बोनस भी देगी।
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