पंजाब की तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार खत्म हो गया। तरनतारन सीट पर 11 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने रविवार को ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 12 कंपनियां तैनात की गई हैं।
उन्होंने कहा कि उपचुनावों के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा की गई अब तक की यह सबसे बड़ी सीएपीएफ तैनाती में से एक है। योजना के अनुसार, सभी 114 मतदान केन्द्र स्थलों (जिनमें 222 मतदान केन्द्र शामिल हैं) की सुरक्षा सीएपीएफ कर्मियों द्वारा की जाएगी।
सीएपीएफ की उपस्थिति के अलावा सभी मतदान केंद्र सीसीटीवी कैमरों और वेबकास्टिंग सुविधाओं से सुसज्जित होंगे, जिसकी निगरानी भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की समग्र निगरानी में रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा बारीकी से की जाएगी।
उपचुनान के दौरान महत्वपूर्ण मतदान केन्द्रों पर 46 माइक्रो पर्यवेक्षकों की निगरानी रहेगी। सीईओ ने पुष्टि की कि सभी 222 मतदान केंद्रों पर आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था के किसी भी उल्लंघन से निर्वाचन अधिकारी सख्ती से निपटेंगे। उन्होंने मतदाताओं से स्वतंत्र और निर्भीक होकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।
तरनतारन सीट पर वोटिंग 11 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। इसके परिणाम 14 नवंबर को घोषित जाएंगे। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कश्मीर सिंह सोहल के जून में निधन के बाद तरनतारन विधानसभा सीट खाली हो गई थी। (भाषा के इनपुट के साथ)
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