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जल संकट से जूझ रहा राजस्थान? CM भजनलाल शर्मा ने बताया, क्या है उनकी प्रायोरिटी

Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1 Published : Jun 05, 2025 05:44 pm IST, Updated : Jun 05, 2025 06:04 pm IST

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने 'जल ही जीवन है' के महत्व पर जोर दिया और कहा कि प्रकृति का संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा- India TV Hindi
Image Source : PTI राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान को पानी के लिहाज से आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के पावन अवसर पर जयपुर के रामगढ़ में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रकृति के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों का भी आह्वान किया।

"प्रकृति का संरक्षण हमारा कर्तव्य"

रामगढ़ बांध पर आयोजित श्रमदान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने 'जल ही जीवन है' के महत्व पर जोर दिया और कहा कि प्रकृति का संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि आज से शुरू हो रहे इस व्यापक अभियान के तहत प्रदेश भर में जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे।

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस जन-अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और ज्यादा से ज्यादा श्रमदान करने का आह्वान किया। उन्होंने परंपरागत जलस्रोतों को स्वच्छ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन किया जा सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत जमवारामगढ़ में सिंदूर का पौधा भी लगाया।

पानी की अत्यधिक आवश्यकता पर जोर

शर्मा ने राजस्थान की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और पानी की अत्यधिक आवश्यकता को लेकर कहा कि राज्य सरकार ने पिछले डेढ़ साल में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने दोहराया, "हम पानी के क्षेत्र में राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।"

जल संकट गंभीर समस्या

राजस्थान में जल संकट एक गंभीर समस्या है। राजस्थान एक शुष्क और अर्ध-शुष्क राज्य है, जहां बारिश बहुत कम या अनियमित होती है। इसकी वजह से जल संसाधनों की उपलब्धता अत्यधिक अस्थिर रहती है। वहीं, कृषि, उद्योग और घरेलू उपयोग के लिए भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। राजस्थान में लगभग 90% आबादी पीने और सिंचाई के लिए भूजल पर निर्भर है। रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान ने 2023 में अपने वार्षिक भूजल पुनर्भरण का 149% उपयोग किया, जिससे भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। (भाषा इनपुट के साथ)

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