राजस्थान सरकार के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ किरोडी लाल मीणा ने भरतपुर और दौसा जिले की सीमा पर कमालपुरा गांव के पास एक फैक्ट्री पर छापा मारा है। डॉ किरोड़ी लाल मीणा रात को 11.15 बजे कार्रवाई के लिए पहुंचे और केमिकल मिलाकर नकली घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। इस दौरान दो टैंकर नकली घी बरामद की गई है। साथ ही दर्जनों ड्रम केमिकल बरामद किए गए हैं। मौके पर पुलिस, CMHO दौसा, खाद्य विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।
मंत्री डॉ किरोडी लाल मीणा ने दौसा-भरतपुर जिले की सीमा पर स्थित दाऊजी मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड नामक फैक्ट्री में रात को छापेमार कार्रवाई व निरीक्षण किया। इस दौरान गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघन उजागर हुए। यहां पाया गया कि दुग्ध-आधारित उत्पादों घी, मावा और दूध से निर्मित अन्य उत्पादों का पूर्णतः नकली एवं अवैध उत्पादन किया जा रहा है। इन उत्पादों के निर्माण में अस्वीकृत, अमानक एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्वों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे जनसामान्य के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा हैं।
किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से कहा- "यह कृत्य न केवल खाद्य सुरक्षा अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और नैतिक मर्यादाओं का भी घोर अपमान है। प्रदेश सरकार आवश्यक कदम उठाएगी और जिम्मेदारी तय कर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। यहां पर दुध आगरा व बिहार से लाया जा रहा है जो यूरिया खाद व केमिकल से तैयार किया जा रहा है। उस दुध से नकली घी बनाया जा रहा है।" घी बनाने में काम में लिए जा रहे केमिकल के ड्रमों को मिट्टी के ढेर के निचे दबाकर रखा गया था, जिसको किरोड़ी लाल मीणा ने जेसीबी की मदद से निकलवाया। उस दोरान दुर्गंध से वहां मोजूद लोगों का सर चकरा गया। वहीं, कई अलग-अलग कम्पनियों के पैकेट भी मौके पर मिले।
पूरी कार्रवाई के दौरान सीएमएचओ और पुलिस मौके पर मौजूद रही। मौके से अलग-लग ब्रांड नेम से दर्जनों प्रोडक्ट्स पैकिंग भी मिली। कई संदिग्ध रसायनों के ड्रम और कट्टे फैक्ट्री में मिले। दुर्गंध मारते लिक्विड से भरे ड्रम भूसे में दबे हुए मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के दो इंस्पेक्टर की टीम सैम्पल लेने में जुटी हुई है। फैक्ट्री कैम्पस में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। जानकारी के मुताबिक, रात एक बजे तक कार्रवाई जारी रही है।
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