Rakhi Bandhne ka Shubh Muhurat 2025 (राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 2025): ज्योतिष अनुसार इस साल रक्षाबंधन पर 297 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जिसने इस त्योहार का महत्व कई गुना बढ़ा दिया है। बता दें इस साल राखी का त्योहार 9 अगस्त को मनाया जा रहा है और इस दिन सूर्य देव और बुध देव कर्क राशि में, चंद्रमा मकर में, मंगल कन्या में, गुरु और शुक्र मिथुन में, पापी ग्रह राहु कुंभ में तो केतु सिंह राशि में गोचर कर रहा होगा। ग्रहों का ऐसा योग इससे पहले 1728 में बना था। बताया जा रहा है कि उस समय भी राखी पर भद्रा नहीं थी और ग्रहों की यही स्थिति थी और 2025 में भी ठीक ऐसा ही हो रहा है। इसके साथ ही सुबह 05:47 से दोपहर 02:23 तक सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। ऐसे में इस शुभ मुहूर्त में भाइयों को राखी बांधने से उनके जीवन में खुशहाली और समृद्धि आएगी।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 2025 (Raksha Bandhan Shubh Muhurat 2025)
| राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 2025 | 9 अगस्त को 05:47 AM से 9:07 AM, इसके बाद 10:48 AM से 01:24 PM |
| राखी के दिन अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 53 मिनट तक |
| राखी पूर्णिमा तिथि प्रारंभ | अगस्त 08 को 02:12 PM बजे |
| राखी पूर्णिमा तिथि समाप्त | अगस्त 09, को 01:24 PM बजे |
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राखी बांधते हुए पढ़ें ये मंत्र (Rakhi Bandhne Ka Mantra)
ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
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राखी बांधते समय कितनी गांठ बांधनी चाहिए?
राखी बांधते समय तीन गांठें लगानी चाहिए। जिसमें पहली गांठ भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए बांधी जाती है। दूसरी भाई-बहन के रिश्ते में अटूट प्रेम और भरोसे की भावना को दर्शाती है। तीसरी भाई को उसके कर्तव्यों की याद दिलाती है कि वह हमेशा धर्म, सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलें और अपनी बहन की हर परिस्थिति में रक्षा करे।
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राखी बांधने का तरीका (Rakhi Bandhne Ka Tarika)
राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व, उत्तर या पूर्वोत्तर दिशा में होना चाहिए। भाई को एक आसन पर बिठाएं। सबसे पहले भाई के माथे पर तिलक लगाएं फिर उनकी आरती उतारें। इसके बाद रक्षामंत्र को बोलते हुए भाई के सीधे हाथ की कलाई पर राखी बांधें। मन ही मन ईश्वर से उनकी लंबी आयु और खुशहाल जीवन की कामना करें और अंत में उनका मुंह मीठा करें।