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Saraswati Puja 2025 Date: इस दिन मनाई जाएगी सरस्वती पूजा, जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व

Written By: Vineeta Mandal Published : Jan 09, 2025 09:50 am IST, Updated : Jan 09, 2025 09:50 am IST

Saraswati Puja 2025: हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सरस्वती पूजा मनाई जाती है। इसी दिन से बसंत पंचमी की भी शुरुआत होती है। तो आइए जानते हैं कि इस साल सरस्वती पूजा का पर्व कब मनाया जाएगा।

सरस्वती पूजा 2025- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV सरस्वती पूजा 2025

Saraswati Puja 2025 Date and Muhurat: मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, ज्ञान, और विवेक की देवी माना जाता है। देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को कला और शिक्षा के क्षेत्र में कामयाबी मिलती है। कहते हैं कि अगर जिस भी व्यक्ति पर मां सरस्वती की कृपा रहती है उसे अपने जीवन में कभी भी असफलता का मुंह नहीं देखना पड़ता है। उसे अपने जीवन में अपार सफलता की प्राप्ति होती है। माता सरस्वती को शारदा, वीणावादिनी, वीणापाणि, भारती, वाग्देवी, महाश्वेता, ज्ञानदा, हंसवाहिनी, वागेश्वरी आदि नामों से जाना जाता है। तो आइए अब जानते हैं कि इस साल सरस्वती पूजा कब मनाई जाएगी और मां शारदा की पूजा के लिए क्या शुभ मुहूर्त रहेगा। 

सरस्वती पूजा 2025 डेट और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, हर साल माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन सरस्वती पूजा का पर्व मनाया जाता है। इस साल माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का प्रारंभ 2 फरवरी 2025 को सुबह 9 बजकर 14 मिनट पर होगा। पंचमी तिथि समाप्त 3 फरवरी को सुबह 6 बजकर 51 मिनट पर होगा। सरस्वती पूजा 2 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी। वहीं सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 9 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। 

सरस्वती पूजा का महत्व

बता दें कि बसंत पंचमी का दिन माता सरस्वती को समर्पित है। इस दिन मां हंसवाहिनी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। माता सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला और शिल्प-कला की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास के  शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन ही माता सरस्वती का जन्म हुआ था। कहते हैं कि इसी दिन देवी सरस्वती श्वेत कमल पर विराजमान हो कर और हाथों में वीणा, माला और पुस्तक लिए प्रकट हुई थीं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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