Lohri 2024: लोहड़ी के त्योहार में किन चीजों की पड़ती है जरूरत? सुख-समृद्धि के लिए इन सामग्रियों को करें नोट
Lohri 2024: लोहड़ी के त्योहार में किन चीजों की पड़ती है जरूरत? सुख-समृद्धि के लिए इन सामग्रियों को करें नोट
Written By: Aditya Mehrotra
Published : Jan 14, 2024 10:42 am IST,
Updated : Jan 14, 2024 10:53 am IST
हम जो भी त्योहार मनाते हैं उसमें किसी न किसी विशेष सामग्री की जरूरत पड़ती ही है। हर किसी त्योहार की तरह लोहड़ी को मनाने के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण सामग्रियों की आवश्यकता होती। जिनके बिना लोहड़ी का पर्व मनाना अधूरा माना जाता है। अगर आज आप लोहड़ी मनाने जा रहे हैं तो इन समाग्रियों को नोट कर लें।
Image Source : INDIA TV
Lohri 2024
Lohri 2024: मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले लोहड़ी का त्योहार मनाया जता है। यह त्योहार भारत के पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ राज्यों में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। आज देश भर में लोहड़ी का त्योहार बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाएगा। यह त्योहार सिख धर्म के प्रमुख त्योहारो में से एक है।
किसी भी त्योहार को मनाने के लिए उससे जुड़ी कुछ न कुछ विशेष सामग्री अवश्य ही होती है। उसी प्रकार लोहड़ी मनाने के लिए भी कुछ खास समाग्रियों का प्रयोग किया जाता है। जिसके बिना लोहड़ी का त्योहा अधूरा माना जाता है। अगर आप भी लोहड़ी मनाने जा रहे हैं तो इन समाग्रियों को नोट कर लें।
लोहड़ी मनाने की जरूरी समाग्रियां
लोहड़ी के त्योहार को अलाव जलाकर मनाया जाता है। इसके लिए आग जलाई जाती है। लोहड़ी की आग जलाने के लिए सूखी लकड़ी, कोयला और उपले की जरूरत पड़ती है।
लोहड़ी की आग जलाने के लिए एक ऊंची जगह चुनी जाती है। इसके बाद सूखी लकड़ी, उपले, और कोयले को एक साथ रखकर अलाव जलाया जाता है। लोहड़ी का अलाव जलाने के बाद लोग इसकी आग के चारों ओर नृत्य करते हैं और सूर्य देवता से आशीर्वाद मांगते हैं।
लोहड़ी की आग को जलाना एक महत्वपूर्ण प्रथा है। लोहड़ी की आग को अग्नि देवता का प्रतीक माना जाता है। लोहड़ी की आग को जलाकर लोग अग्नि देवता से आशीर्वाद मांगते हैं। लोहड़ी की आग को जलाना एक नए साल की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है।
लोहड़ी का त्योहार बिन पकवान के अधूरा माना जाता है। इस दिन तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। लोहड़ी के पकवान में मक्के का लावा बनाया जाता है। इसके अलावा पकवान में पकौड़े, गुलाब जामुन और अन्य मिठाइयों को बनाने का विधान है। इन पकवानों को सब के साथ मिल बाट कर खाने से परिवार में धन-संपदा का सुख बना रहता है।
इन सब के अलावा लोगों के घरों में खुशी बनी रहे। इसके लिए लोहड़ी वाले दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, रंगोली बनाते हैं और अपने घरों की दिवारों को सजाते हैं। इसके लिए रंग-बिरंगे गुब्बारों, कई प्रकार के रंगों वाली झालरें और अन्य सजावटी सामान की जरूरत लोहड़ी के त्योहार की चकाचौंध को बढ़ाने के लिए पड़ती है।
लोहड़ी के दिन नए कपड़े पहने जाते हैं इसलिए इस दिन साफ-सुथरे वस्त्र पहनने चाहिए और ध्यान रहे की काले रंग के कपड़े लोहड़ी के पर्व के दौरान न पहने।
शाम को लोहड़ी की आग में तिल, गजक, रेवड़ी, मूंगफली, चना, सूखे मेवे और साबुत अनाज इन सभी चीजों को डाला जाता है। यदि आप लोहड़ी मना रहे हैं तो इन सभी समाग्रियों को व्यवस्थित कर लें। इन सभी चीजों को अग्नि देवता को समर्पित करने से जीवन में अपार सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)