इस वर्ष तीन जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा का रक्षाबंधन के दिन नौ अगस्त को समापन होना है। हालांकि अधिकारियों ने भारी बारिश के मद्देनजर "महत्वपूर्ण मरम्मत और रखरखाव कार्यों" का हवाला देते हुए इसकी अवधि एक सप्ताह घटाने का फैसला किया।
मूसलाधार बारिश के कारण स्थगित की गई अमरनाथ यात्रा बालटाल मार्ग से फिर से शुरू हो गई है। बुधवार को बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई थी।
दुनिया के 6 देशों के नौ युवा श्रद्धालुओं के ऐसे ही एक ग्रुप ने पवित्र गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन कर वैश्विक आस्था और आध्यात्मिक सद्भाव का एक सुंदर उदाहरण पेश किया है। इन श्रद्धालुओं में अमेरिका, कनाडा और जर्मनी के श्रद्धालु भी शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर में कड़ी सुरक्षा के बीच छड़ी मुबारक की पूजा संपन्न हो गई है। आइए जानते हैं कि क्या है इस पूजा का विशेष महत्व।
Amarnath Yatra: अमरनाथ गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए भगवती नगर आधार शिविर से 900 महिलाओं सहित 4,388 तीर्थयात्रियों का 20वां जत्था रविवार को रवाना हुआ।
जम्मू कश्मीर में भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था। मलबे में बहने से एक महिला की मौत भी हो गई थी। इसके बाद रास्तों की मरम्मत करने के लिए अमरनाथ यात्रा रोक दी गई थी।
अमरनाथ यात्रा के दौरान लैंडस्लाइड की घटना के कारण एक महिला तीर्थयात्री की मौत की खबर सामने आई है। आइए जानते हैं कि किस मार्ग पर हुआ है ये हादसा।
अमरनाथ यात्रा के नौवें दिन 18,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन किए। अब तक 1,63,726 तीर्थयात्री पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी।
अमरनाथ यात्रा के काफिले में शामिल कार को हरियाणा के करनाल निवासी शशिकांत नाम का व्यक्ति चला रहा था। चेनानी तहसील के नरसू में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर यह कार डिवाइडर से टकरा गई
अमरनाथ यात्रा के लिए जाते हुए तीर्थयात्रियों में गजब का उत्साह और भक्ती दिख रही है। कश्मीर घाटी में तीर्थयात्रियों की लंबी कतार दिख रही है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के कार्यालय से अमरनाथ तीर्थयात्रियों को लेकर पल-पल की जानकारी दी जा रही है।
देवभूमि उत्तराखंड में एक चमत्कार घटित हुआ है। दरअसल अमरनाथ के शिवलिंग की ही तरह यहां भी बर्फ से बना एक शिवलिंग मिला है। आइए इस बारे में विस्तार से आपको जानकारी देते हैं।
अमरनाथ के दर्शन के दौरान कबूतर देखना बेहद सौभाग्यशाली माना जाता है। मान्यता है कि यह दोनों कबूतर भगवान शिव की कृपा से अमर हैं।
आज से अमरनाथ यात्रा औपचारिक तौर पर शुरू हो गई है। बालटाल और पहलगाम रूट से पहला जत्था रवाना हो गया है। यात्रा के लिए कड़ी सुरक्षा, मेडिकल सुविधाएं और हाईटेक निगरानी की व्यवस्था की गई है।
अमरनाथ यात्रा भगवान शिव के रूप 'बाबा बर्फानी' के दर्शन के लिए की जाने वाली एक पवित्र तीर्थयात्रा है। इस कठिन तीर्थयात्रा में श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभव प्राप्त होता है।
हर-हर महादेव की गूंज के साथ अमरनाथ यात्रा के लिए भक्तों का पहला जत्था रवाना हो गया है। भक्तों को कल बाबा के दर्शन होंगे। LG मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को झंडी दिखाई है।
अमरनाथ यात्रा की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। सुरक्षाबलों की ओर से यात्रा की सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल-ट्रायल रन आदि का आयोजन किया रहा है। आइए जानते हैं कि अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा की क्या तैयारियां हैं।
अमरनाथ यात्रा में जाने वाले सभी यात्रियों को इस बार आरएफआईडी कार्ड दिए जाएंगे। वहीं, सुरक्षा काफिले के बिना यात्रियों को सफर करने की अनुमति नहीं होगी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मॉक ड्रिल, एंटी-ड्रोन सिस्टम, फेस रिकग्निशन कैमरे और ड्रोन निगरानी जैसी तकनीकों से यात्रा मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर जोर-शोर से तैयारियां जारी हैं। अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी पूर्ण स्वरूप में आ गए हैं। शिवलिंग का Video भी सामने आया है।
अमरनाथ यात्रा से पहले अनंतनाग के लंगनबल में फेस रिकग्निशन सिस्टम से एक संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर पकड़ा गया। उसके खिलाफ 2005 में मामला दर्ज था। इस हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था से यात्रा की सुरक्षा और भी मजबूत मानी जा रही है।
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