अमेरिका ने आधिकारिक रूप से विश्व स्वास्थ्य संगठन से खुद को अलग कर लिया है। यह तब हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने WHO से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू करने वाला आदेश साइन किया था।
सूडान में जारी गृहयुद्ध में स्वास्थ्य केंद्रों पर भी हमले जारी हैं। इसके चलते विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर अब तक 1600 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। यह आंकड़ा डब्ल्यूएचओ ने दिया है।
भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, सबसे ज्यादा कोरोना से संक्रिमतों की संख्या केरल में है। लेकिन कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं, कहा-सौम्या स्वामीनाथ ने।
आतंकवाद को जन्म देने वाला आज पीड़ित होने का दिखावा कर रहा है, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मंच से भारत ने पाकिस्तान को जमकर खरी खोटी सुनाई और उसकी पूरी पोल खोलकर रख दी है। जानिए क्या कहा?
अमेरिका के बाद अब अर्जेंटीना ने भी विश्व स्वास्थ्य संगठन से बाहर निकलने का फैसला किया है। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली के प्रवक्ता ने बताया कि मतभेदों के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन से देश को बाहर निकालने का आदेश दिया गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति बनते ही डोनाल्ड ट्रंप ने कई कड़े फैसले लिए हैं। शपथ लेने के बाद ट्रंप ने अमेरिका को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से बाहर कर लिया है। अब इस मामले पर WHO की प्रतिक्रिया सामने आई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालने ही दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने अमेरिका को WHO से बाहर करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
तंजानिया में मारबर्ग नामक वायरस से 8 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इससे पहले यह वायरस रवांडा में 15 लोगों की जान ले चुका है। इसके बाद डब्ल्यूएचओ ने सतर्क हो गया है।
अगर आप विश्व स्वास्थ्य संगठन के ग्लोबल इंटर्नशिप प्रोग्राम के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। आइए इस खबर के जरिए इसके लिए आवेदन करने की पात्रता को जानते हैं।
इजरायल ने यमन के एयरपोर्ट पर उस वक्त बड़ा हवाई हमला कर दिया, जब वहां विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुखिया टेड्रोस अधनोम समेत संयुक्त राष्ट्र के भी कई अधिकारी मौजूद थे। इस हमले में डब्ल्यूएचओ चीफ समेत अन्य अधिकारी बाल-बाल बच गए हैं।
मेडिकल के क्षेत्र में भारत ने एक और बड़ी सफलता हासिल कर ली है। प्लेग, कुष्ठ रोग और पोलियो जैसी गंभीर बीमारियों को खत्म करने के बाद भारत ने अब आंखों की गंभीर बीमारी ट्रेकोमा को भी जड़ के उखाड़ फेंका है। जानिए क्या है ये बीमारी और इसके लक्षण?
हर साल खाद्य जनित बीमारियों के 60 करोड़ मामले सामने आते हैं और 4,20,000 लोग अपनी जान गंवा देते हैं। असुरक्षित भोजन से जान गंवाने वालों में 70 प्रतिशत पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे होते हैं।
विश्व के मानस पटल पर भारत की साख लगातार बढ़ती जा रही है। आज पूरी दुनिया भारत की ओर भरोसे की नजरों से देख रही है। यही वजह है कि आने वाले समय में डब्ल्यूएचओ में भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है। वैश्विक स्वास्थ्य पहल में भारत से उम्मीदें बढ़ गई हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट में दक्षिण पूर्व एशिया की सड़क दुर्घटनाओं में मार जाने वालों का डेटा दिया गया है। इसके मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में 66 फीसदी पैदल यात्री, दोपहिया वाहन और साइकिल चालक हैं।
मंकीपॉक्स के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए यूनीसेफ ने इसके सुरक्षित टीके तैयार करने के लिए आपातकालीन टेंडर जारी किया है। इसके लिए डब्ल्यूएचओ समेत कई संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि सितंबर के मध्य तक 2 टीकों के आपातकालीन इस्तेमाल की इजाजत मिल सकती है।
Mpox Fever: पूरी दुनिया में इन दिनों एक खतरनाक बुखार फैला हुआ है। 70 से ज्यादा देशों में एमपॉक्स के मामले सामने आ चुके हैं। हालात को देखते हुए WHO ने इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। जान लें क्या हैं Mpox के लक्षण और इससे कैसे बचें?
अमेरिका के कोर्नेल यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 1992 से 2016 तक घरों में इस्तेमाल किए जाने वाले खराब ईंधन की वजह से भारत में 1,000 शिशुओं और बच्चों में से 27 की मौत हो जाती थी।
डब्ल्यूएचओ के कानूनी अधिकारी स्टीवन सोलोमन ने कहा कि स्वास्थ्य नियमों को संशोधित करने का कदम तुरंत प्रभावी नहीं होगा, बल्कि यह टेड्रोस द्वारा निर्णय के बारे में देशों को औपचारिक रूप से सूचित करने के एक साल बाद लागू होगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दुनिया को कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक महामारी आने की आशंका के प्रति अगाह किया है। डब्ल्यूएचओ ने यह चेतावनी एक ब्रिटिश वैज्ञानिक की रिपोर्ट को आधार बनाकर दिया है, जिसमें कोविड-19 से ज्यादा गंभीर महामारी के आने की आशंका जताई गई है।
कोविशील्ड निर्माता एस्ट्राजेनेका ने पिछले हफ्ते कोर्ट में यह स्वीकार किया था कि उसकी वैक्सीन के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, हालांकि एक्सपर्ट का कहना था कि जिन्हें ये टीका लगा है, उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
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