साल 2010 के दशक का अंत हो रहा है, क्रिकेट के मैदान पर इस दशक में कई रिकॉर्ड बने। कुछ रिकॉर्ड्स ऐसे थे जिन्हें आगे आने वाले समय में तोड़ा जा सकता है तो कुछ रिकॉर्ड्स ऐसे भी है जिन्हें तोड़ पाना बेहद मुश्किल है और वो इतिहास के पन्नों में अमर हो गए हैं। जी हां, आइए एक नजर डालते हैं इस दशक में बने कुछ रिकॉर्ड्स पर-
इस दशक से पहले वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड नामुमकिन सा माना जाता था, लेकिन दशक की शुरुआत में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने इस नामुमकिन काम को मुमकिन करके दिखाया। 24 फरवरी 2010 को ग्वालियर में सचिन तेंदुलकर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे क्रिकेट का पहला दोहरा शतक जड़ा। इस दोहरे शतक के बाद बाकी बल्लेबाजों में दोहरे शतक लगाने का विश्वास बढ़ा और वनडे क्रिकेट में एक के बाद एक दोहरे शतक लगे। इस दशक में कुल 8 दोहरे शतक लगे।
| खिलाड़ी का नाम | बनाम | तारीख | रन |
| सचिन तेंदुलकर | साउथ अफ्रीका | 24 February 2010 | 200* |
| वीरेंद्र सहवाग | वेस्टइंडीज | 8 December 2011 | 219 |
| रोहित शर्मा | ऑस्ट्रेलिया | 2 November 2013 | 209 |
| रोहित शर्मा | श्रीलंका | 13 November 2014 | 264 |
| क्रिस गेल | जिम्बाब्वे | 24 February 2015 | 215 |
| मार्टिन गुप्टिल | वेस्टइंडीज | 21 March 2015 | 237* |
| रोहित शर्मा | श्रीलंका | 13 December 2017 | 208* |
| फखर जमन | जिम्बाब्वे | 20 July 2018 | 210* |
रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में 264 रनों की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली है और इस रिकॉर्ड को आगे वाले समय में किसी भी बल्लेबाज द्वारा तोडा जाना लगभग नामुमकिन सा ही है।
18 जनवरी 2015, ये वही दिन है जब साउथ अफ्रीकी कप्तान एबी डी विलियर्स जिन्हें हम मिस्टर 360 डिग्री के नाम से भी जानते हैं उन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाया था। जोहन्सबर्ग के मैदान पर डी विलियर्स ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 31 गेंदों पर शतक लगाकर न्यूजीलैंड के हरफनमौला खिलाड़ी कोरी एंडरसन (36 गेंदों में शतक) का रिकॉर्ड तोड़ा था। उस दिन डी विलियर्स ने विंडीज के खिलाफ 44 गेंदों पर 16 छक्कों और 9 चौकों की मदद से 149 रनों की लाजवाब पारी खेली थी।
वनडे क्रिकेट के बाद टेस्ट क्रिकेट में भी सबसे तेज शतक इसी देशक में बना, ये रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्राइस्टचर्च में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान हासिल किया। मैक्कुलम तब बल्लेबाजी करने आए जब टीम की स्थिति खराब थी, ऑस्ट्रेलिया ने मात्र 32 के स्कोर पर ही न्यूजीलैंड के तीन विकेट गिरा दिए थे। इसके बाद मैक्कुलम में विलियमसन के साथ खेला शुरु किया, लेकिन विलियमसन भी 69 गेंदों में 7 रन बनाकर आउट हो गए।
बाद में क्रीज पर आए कोरी एंडरसन ने मैक्कुलम में टीम को संभाला और टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया। मैक्कुलम ने उस मैच में मात्र 54 गेंदों में शतक जड़ दिया था, अंत में मैक्कुलम 79 गेंदों पर 145 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। मैक्कुलम से पहले टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज विव रिचर्ड्स और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिसबाह उल हक के नाम के नाम था।
टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से भारत के रोहित शर्मा, साउथ अफ्रीका के डेविड मिलर और चेक रिपब्लिक के सुदेश विक्रमसेकरा के नाम है। इन तीनों खिलाड़ियों ने ये कारनामा 35 गेंदों में किया।
| खिलाड़ी का नाम | बनाम | गेंदें | तारीख | कुल रन |
| रोहित शर्मा | श्रीलंका | 35 | 22 दिसंबर 2017 | 118 |
| डेविड मिलर | बांग्लादेश | 35 | 29 अक्टुबर 2017 | 101* |
| सुदेश विक्रमसेकरा | टर्की | 35 | 30 अगस्त 2019 | 104* |
19 जून 2018, ये वही दिन है जब इंग्लैंड की टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया था। इस मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धुनाई करते हुए 6 विकेट के नुकासन पर 481 रन बनाए थे। इंग्लैंड की तरफ से जॉनी बेयरस्टो (92 गेंदें 139 रन)और ऐलेक्स हेल्स (92 गेंदें 147 रन) ने शतकीय पारी खेली थी, वहीं कप्तान इयोन मोर्गन ने 30 गेंदों पर 67 रनों की आतिशी पारी खेली थी। इंग्लैंड के इस बड़े स्कोर के आगे ऑस्ट्रेलियाई टीम 239 रन पर ही ढेर हो गई थी। इंग्लैंड ने ये मैच रिकॉर्ड 242 रनों से जीता था।
इंग्लैंड ने 481 के इस स्कोर के साथ अपना 2 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। इंग्लैंड ने 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ नॉटिंघम में ही 444 रन बनाए थे।
भारतीय कप्तान विराट कोहली, जिन्हें हम रन मशीन के नाम से भी जानते हैं उन्होंने इस दशक में इतने शतक लगाए कि अब तक एक दशक में उतने शतक कोई खिलाड़ी ना लगा सका। जी हां, इस दशक में विराट कोहली ने तीनों फॉर्मेट में मिलाकर कुल 69 शतक जड़े। इन 69 शतक में उनके 42 शतक वनडे के हैं और 27 शतक टेस्ट क्रिकेट में है। कोहली का यह रिकॉर्ड बताता है कि उन्होंने इस दशक में इंटरनेशनल क्रिकेट में राज किया है।
क्रिकेट के मैदान पर रन एवं शतकों के रिकॉर्ड के साथ इस दशक में विकेट के भी कई रिकॉर्ड बने। इस दशक में अफगानिस्तान के लेग स्पिनर राशिद खान ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस खिलाड़ी ने ये कारनामा 44 वनडे मैच में करके दिखाया। इससे पहले ये रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के नाम था। जिन्होंने 52 मैचों में सबसे तेज 100 विकेट लिए थे।
वहीं श्रीलंका के तेज गेंदबाज लासिथ मलिंगा इस दशक में टी20 क्रिकेट में 100 विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया। 6 सितंबर 2019 को मलिंगा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 गेंदों में 4 विकेट लेकर टी20 इंटरनेशनल में अपने 100 विकेट पूरे किए और वो टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने। मलिंगा ने यह कारनामा अपने 76वें मैच में किया। इसी के साथ मलिंगा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में दो बार 4 गेंदों में चार विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले मलिंगा ने वनडे वर्ल्ड कप 2007 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 4 गेंदों में 4 विकेट लिए थे।
लासिथ मलिंगा ने इस दशक में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। मलिंगा ने इस दशक में कुल 4 हैट्रिक ली जिसमें दो हैट्रिक उन्होंने वनडे और इतनी ही हैट्रिक उन्होंने टी20 में ली। अब इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम कुल 5 हैट्रिक हो चुकी है और ये भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
| दिनांक | बनाम | फॉर्मेट | खिलाड़ी |
| 28 मार्च 2008 | साउथ अफ्रीका | ODI | शॉन पोलक, एंड्रयू हॉल, जैक्स कैलिस, मखाया एनटिनी |
| 1 मार्च 2011 | केन्या | ODI | तन्मय मिश्रा, पीटर ओन्गोंडो, शेम नगोचे |
| 22 अगस्त 2011 | ऑस्ट्रेलिया | ODI | मिचेल जॉनसन, जॉन हेस्टिंग्स, जेवियर डोहर्टी |
| 6 अप्रैल 2017 | बांग्लादेश | T20I | मुश्फिकुर रहीम, मशरफे मुर्तज़ा, मेहेदी हसन |
| 6 सितंबर 2019 | न्यूजीलैंड | T20I | कॉलिन मुनरो, हामिश रदरफोर्ड, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, रॉस टेलर |
वर्ल्ड कप 2015 में वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल ने मार्लोन सैमुअल्स के साथ किसी भी विकेट के लिए रिकॉर्ड 372 रन की साझेदारी की थी। 24 फरवरी 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए मैच में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी की और उनका पहला विकेट ड्वेन स्मिथ के रूप में शून्य पर ही गिर गया था। इसके बाद क्रीज पर आए मार्लोन सैमुअल्स के साथ मिलकर गेल ने पूरे 50 ओवर खेले और दोनों ने मिलकर ये रिकॉर्ड बनाया। इस पारी में गेल ने पहला 215 रनों की पारी खेलते हुए वनडे क्रिकेट में अपना पहला दोहरा शतक जड़ा, वहीं सैमुअल्स ने 133 रन की नाबाद पारी खेली थी। इस पारी के साथ गेल और सैमुअल्स ने सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। 1999 में सचिन और द्रविड़ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 331 रन जोड़े थे।
इस दशक की शुरुआत में श्रीलंका के लेजेंड स्पिनर मुथैया मुरलीधरन टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने। 22 जुलाई 2010 को मुरलीधरन ने अपने आखिरी टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ प्रज्ञान ओझा का विकेट लेकर ये रिकॉर्ड अपने नाम किया। मुरलीधरन के बाद टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड शेन वॉर्न के नाम है। उन्होंने अपने करियर में 708 विकेट लिए थे।
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