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आज ही के दिन चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जीतकर धोनी ने रचा था इतिहास, बने थे ऐसा करने वाले पहले कप्तान

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Jun 23, 2021 10:40 am IST,  Updated : Jun 23, 2021 10:40 am IST

चैंपियंस ट्रॉफी से पहले धोनी भारत को अपनी कप्तानी में 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जिता चुके थे।

Dhoni created history by winning the 2013 Champions Trophy on this day, became the first captain to - India TV Hindi
Dhoni created history by winning the 2013 Champions Trophy on this day, became the first captain to do so Image Source : TWITTER/@BCCI

भारतीय पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नाम तो वैसे कई रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन बतौर कप्तान 2013 में उन्होंने ऐसा रिकॉर्ड बनाया था जिसे तोड़ा काफी मुश्किल है। धोनी ने भारत को 2013 में आज ही के दिन चैंपियंस ट्रॉफी जिताई थी, वह दुनिया के पहले ऐसे कप्तान बने थे जिन्होंने कप्तान के रूप में आईसीसी के सभी खिताब अपने नाम किए थे। चैंपियंस ट्रॉफी से पहले धोनी भारत को अपनी कप्तानी में 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जिता चुके थे।

धोनी के लिए यह इतिहास रचना आसान नहीं था। मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए इस फाइनल मुकाबले में पहले बारिश ने खलल डाली। झमाझम बारिश की वजह से मुकाबला 20-20 ओवर का हुआ और परिस्थितियां मेजबानों को अनुकूल हो गई थी।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 129 रन बनाए। इस दौरान धवन ने 31, कोहली ने 43 और जडेजा ने 33 रन की पारी खेली। 20 ओवर में 130 रन का लक्ष्य बेहद ही आसान था, लेकिन जब धोनी अपना दिमाग चलाते हैं तो विपक्षी टीम को किसी भी मुकाबले में हराने का माद्दा रखते हैं।

130 रन के लक्ष्य को बचाने उतरी टीम इंडिया ने अच्छी शुरुआत की और 46 रन के अंदर एलिस्टर कुक, जो रूट, बेल और ट्रोट जैसे खिलाड़ियों को आउट किया। लेकिन इसके बाद इयोन मोर्गन ने रवि बोपारा के साथ रन बनाने का जिम्मा संभाला। इन दोनों खिलाड़ियों ने इंग्लैंड को 17 ओवर तक 102 रन तक पहुंचा दिया था। मेजबानों को अब जीत के लिए 3 ओवर में 28 रन की जरूरत थी।

बेबाक धोनी ने तब हर किसी को चौंकाते हुए एक ऐसा फैसला लिया जो मैच का टर्निंक प्वॉइंट साबित हुआ। धोनी ने गेंद इशांत शर्मा को सौंपी जो पहले ही 3 ओवर में 27 रन खर्च कर चुके थे। लेकिन धोनी को भरोसा था कि इशांत ऐसे खिलाड़ी है जो मैच पलट सकते हैं। धोनी का यह फैसला टीम हित में रहा और इशांत ने मोर्गन और बोपारा को एक ही ओवर में आउट कर मैच का रुख अपनी ओर पलट दिया।

धोनी यहीं नहीं रुके, जब इंग्लैंड को आखिरी ओवर में 15 रन की जरूरत थी तब उन्होंने गेंद आर अश्विन को सौंप कर एक बार फिर हर किसी को हैरान किया, लेकिन ये धोनी की सेना थी और धोनी जिस पर विश्वास जताते थे वो खिलाड़ी खरा उतरता था। अश्विन ने आखिरी ओवर में लाजवाब गेंदबाजी की और भारत ने यह मैच 5 रनों से जीता।

इस जीत के साथ धोनी ने भी इतिहास रच दिया।

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