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पृथ्वी शॉ का नमूना एकत्रित करने के बाद रिपोर्ट आने में लगा दो महीने का समय

 Written By: Bhasha
 Published : Aug 08, 2019 08:32 pm IST,  Updated : Aug 08, 2019 08:32 pm IST

पृथ्वी शॉ को इस बीच आईपीएल, मुंबई टी20 लीग और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में अभ्यास की अनुमति दी गयी।

पृथ्वी शॉ- India TV Hindi
पृथ्वी शॉ

नई दिल्ली। बीसीसीआई ने पृथ्वी शॉ के डोपिंग उल्लंघन मामले में गुरुवार को सारे घटनाक्रम का पूरा ब्योरा दिया जिससे पता चलता है कि उनके नमूने को एकत्रित किये जाने के बाद राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) की अंतिम रिपोर्ट आने में दो महीने का समय लगा। बीसीसीआई जिस तरह से इस 19 वर्षीय सलामी बल्लेबाज के मामले से निबटा उसकी कड़ी आलोचना होने के बाद यह क्षतिपूर्ति करने का प्रयास लगता है।

इस बल्लेबाज को इस बीच आईपीएल, मुंबई टी20 लीग और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में अभ्यास की अनुमति दी गयी। घटनाक्रम से पता चलता है कि बोर्ड की तरफ से एनडीटीएल को दोबारा अवगत भी कराया गया था। 

विश्व डोपिंगरोधी एजेंसी (वाडा) भी राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) के तहत आने की अनिच्छुक संस्थाओं द्वारा निबटाये जाने वाले मामले को दोबारा खोल सकती है। पिछले महीने शॉ को डोपिंग परीक्षण में नाकाम रहने के बाद बीसीसीआई ने आठ महीने के लिये प्रतिबंधित कर दिया था।

बीसीसीआई विज्ञप्ति में कहा गया था कि शॉ ने ‘अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ लिया था जो कि आम तौर पर खांसी की दवा में पाया जाता है। शॉ का निलंबन भी पूर्व से प्रभावी किया गया था। उनका निलंबन 16 मार्च से शुरू होकर 15 नवंबर तक चलेगा जिसके कारण दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे।

शॉ ने बीसीसीआई के डोपिंगरोधी परीक्षण कार्यक्रम के तहत 22 फरवरी 2019 को इंदौर में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान मूत्र का नमूना उपलब्ध कराया था। उनके नमूने में टरबुटैलाइन पाया गया था। इस मामले का 2019 में घटनाक्रम इस प्रकार है।

22 फरवरी : शॉ के नमूने एकत्रित किये गये।

23 फरवरी : नमूने नई दिल्ली में एनडीटीएल को भेजे गये। 
05 अप्रैल : एनडीटीएल को लंबित रिपोर्ट पर ईमेल पर फिर से याद कराया। 
05 अप्रैल : लंबित रिपोर्ट पर एनडीटीएल का जवाब मिला। 
02 मई : एनडीटीएल की शॉ से संबंधित रिपोर्ट (एपीए) बीसीसीआई को मिली। 
02 मई : एनडीटीएल ने बीसीसीआई से पूर्ण प्रयोगशाला दस्तावेजीकरण पैकेज की मांग की। 
17 मई : बीसीसीआई से पूर्ण प्रयोगशाला दस्तावेजीकरण पैकेज मिला। 
18 मई : सारे संबंधित दस्तावेज अंतरराष्ट्रीय डोपिंग परीक्षण और प्रबंधन (आईडीटीएम) के जरिये स्वतंत्र समीक्षा बोर्ड (आईआरबी) को भेजे गये। 
20 मई : आईडीटीएम ने तीन आईआरबी सदस्यों की नियुक्ति की, जिसमें एक वकील, एक खेल डाक्टर और एक वैज्ञानिक शामिल। 
25 जून : आईआरबी ने आईडीटीएम के डोपिंग रोधी कार्यक्रम प्रशासक (एपीए) को रिपोर्ट सौंपी। 
26 जून : आईडीटीएम एपीए ने रिपोर्ट बीसीसीआई को सौंपी कि क्रिकेटर को जवाब देना होगा। 
27 जून : मामले के दस्तावेज बीसीसीआई के बाहरी वकील को भेजे गये जिन्हें डोपिंग रोधी मामलों को देखने का अपार अनुभव। 
15 जुलाई : बीसीसीआई के बाहरी वकील से आरोप के नोटिस (एनओसी) का मसौदा मिला। 
16 जुलाई : साव को नोटिस का मसौदा दिया गया। 
18 जुलाई : साव ने जवाब दिया कि वह इस आरोप को स्वीकार करते हैं और बी नमूना नहीं देना चाहते हैं। 
22 जुलाई : साव के वकील से आरोप के नोटिस का जवाब मिला। 
22 जुलाई : आरोप के नोटिस का जवाब बीसीसीआई के बाहरी वकील को फारवर्ड किया गया। 
24 जुलाई : सजा की अवधि पर चर्चा के लिये बीसीसीआई के बाहरी वकील और बीसीसीआई के डोपिंग रोधी मैनेजर के बीच कांफ्रेंस कॉल हुई।
26 जुलाई : बीसीसीआई के बाहरी वकील से अंतिम फैसले का मसौदा मिला। 
30 जुलाई : बीसीसीआई का डोपिंग रोधी नियम उल्लघंन (एडीआरवी) में विस्तृत फैसला साव को भेजा गया। 
30 जुलाई : इसकी एक प्रति आईसीसी और वाडा को भेजी गयी, एडीआरवी की मीडिया विज्ञप्ति जारी की गयी। 

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