भारतीय क्रिकेट टीम साल 2026 की पहली सीरीज खेल रही है। तीन मैचों की वनडे सीरीज के दो मैच हो चुके हैं और सीरीज अभी बराबरी पर है। तीसरे मैच से तय होगा कि सीरीज किस ओर जाएगी। इस बीच टीम इंडिया का एक खिलाड़ी मुसीबत बना हुआ है। ताज्जुब की बात ये है कि उस खिलाड़ी ने अब से करीब छह साल पहले वनडे में अर्धशतक लगाया था, लेकिन इसके बाद भी उसे लगातार मौके दिए जा रहे हैं। टीम इंडिया का मैनेजमेंट किस आधार पर फैसला करता है, ये समझ से परे है।
रवींद्र जडेजा से नहीं बन रहे हैं रन, अब तो विकेट के भी पड़े लाले
शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने पहले इस साल की पहली जीत दर्ज की और इसके बाद दूसरा मैच हार भी गई। इस बीच अब रवींद्र जडेजा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वैसे तो उनकी गिनती ऑलराउंडर्स में होती है, लेकिन ना तो वे रन बना पा रहे हैं और ना ही गेंदबाजी से कमाल कर पा रहे हैं।
साल 2020 में जडेजा ने वनडे में लगाई थी आखिरी फिफ्टी
रवींद्र जडेजा ने वनडे में अपनी आखिरी फिफ्टी साल 2020 में ऑस्ट्रेलिया सीरीज दौरे के दौरान लगाई थी। तब कैनबरा में वनडे मैच खेला गया था। जडेजा ने 66 रनों की नाबाद पारी खेली थी। तब से लेकर अब तक वे एक भी बार अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। ये बात सही है कि जडेजा काफी नीचे बल्लेबाजी के लिए आते हैं, इसलिए उन्हें बहुत ज्यादा बॉल खेलने का मौका नहीं मिलता है, लेकिन इसके बाद भी कई बार ऐसे मौके आए, जब टीम इंडिया का टॉप आर्डर नहीं चला और जडेजा को पहले बल्लेबाजी के लिए आना पड़ा, उसमें भी वे कुछ नहीं कर पाए और सस्ते में आउट होकर चले गए।
पिछले दोनों वनडे में भी कुछ नहीं कर पाए जडेजा
भारत बनाम न्यूजीलैंड सीरीज के पहले दो मैचों में जडेजा को एक भी विकेट नहीं मिला, वहीं रन भी नहीं बने। बड़ोदरा में खेले गए पहले मुकाबले में जडेजा ने केवल चार रन बनाए और 56 रन उन्होंने खर्च कर दिए। दूसरे मैच में जब जडेजा की बल्लेबाजी पहले आ गई, तो भी उनके बल्ले से केवल 27 ही रन आए। इस मैच में उन्होंने 44 रन दिए और विकेट का कॉलम खाली रहा। अब तीसरे मैच में जब जडेजा उतरेंगे तो उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी पर नजर रहेगी। जडेजा ने टी20 इंटरनेशनल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है, लेकिन वे टेस्ट और वनडे खेल रहे हैं। इस तरह के प्रदर्शन से वे अब कितने और दिन वनडे खेलते रहेंगे, ये देखना दिलचस्प होगा।
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