Pradosh Vrat Shubh Muhurt Puja Vidhi Live: शुक्रवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस व्रत को करने से सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। जनवरी के महीने में 16 तारीख को शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा। प्रदोष व्रत की पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में करना ही शुभ माना जाता है इसलिए इसे प्रदोष व्रत कहा जाता है। 16 जनवरी के दिन आपको प्रदोष व्रत किस विधि से करना चाहिए, व्रत का शुभ पूजा मुहूर्त कब है, इस दिन पूजा में किन मंत्रों का जप करने से आपको लाभ होगा और व्रत की कथा के बारे में हम आपको जानकारी देंगे।
प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat Puja Ka Shubh Muhurt)
प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 16 जनवरी 2026 की शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात्रि 8 बजकर 56 मिनट तक।
प्रदोष व्रत पूजा की विधि
प्रदोष व्रत के दिन शाम के समय पूजा करना शुभ माना जाता है। हालांकि, व्रत का संकल्प आपको सूर्योदय से पहले ही लेना चाहिए। सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल पर दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिव मंत्रों का जप, शिव चालीसा का पाठ और शिवजी की आरती का पाठ करें। शाम के समय प्रदोष काल में आपको विधिवत रूप से शिवजी की पूजा करनी चाहिए। साथ ही शुक्र प्रदोष व्रत कथा का पाठ भी आपको अवश्य करना चाहिए। शाम की पूजा में व्रत कथा के पाठ के बाद अंत में आरती का पाठ करें और फिर घर के लोगों में प्रसाद का वितरण करें। अंत में खुद प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रत को संपन्न करें।