मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस के सेंट अलेक्जेंडर हॉल में नए विदेशी राजदूतों के प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के समारोह में कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और दुनिया बहुत अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। पुतिन का यह संदेश वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई और ईरान को लगातार दी जा रही ट्रंप की धमकी के बाद आया है। हालांकि उन्होंने अमेरिका या ट्रंप का नाम नहीं लिया। मगर संकेतों में टारगेट पर यही दोनों रहे।
कई देशों की संप्रभुता पर हो रहा अतिक्रमण
पुतिन ने कहा कि कई देशों की संप्रभुता पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है। पुतिन का यह बयान वेनेजुएला पर हाल ही में की गई अमेरिका की जबरन कार्रवाई और ईरान में किए जा रहे अवैध हस्तक्षेप से जुड़ा है। पुतिन ने आरोप लगाया कि दर्जनों देश अपनी संप्रभुता पर उल्लंघन, अराजकता और कानूनहीनता का सामना कर रहे हैं। पुतिन ने अपने भाषण में कहा, "अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। इस पर कोई बहस नहीं हो सकती। लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष तेज हो रहे हैं और नए गंभीर संघर्ष क्षेत्र उभर रहे हैं।" उन्होंने जोर दिया कि कई देशों को उनकी संप्रभुता पर अतिक्रमण का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वैश्विक सहयोग की क्षमता प्रभावित हो रही है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की अपील
पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की वकालत की और कहा कि शांति के लिए प्रयास, जिम्मेदारी और सजग चुनाव जरूरी हैं। उना यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस यूक्रेन युद्ध में अपनी स्थिति मजबूत करने का दावा कर रहा है। पुतिन ने यूक्रेन में रूस के लक्ष्यों को हासिल करने की बात दोहराई और कहा कि वे लगातार आगे बढ़ेंगे। हालांकि, उन्होंने अमेरिका या ट्रंप प्रशासन का सीधा नाम नहीं लिया, लेकिन पश्चिमी नीतियों पर अप्रत्यक्ष हमला बोला।
बहुपक्षीय व्यवस्था बनाने पर जोर
पुतिन ने ब्राजील जैसे BRICS देशों के साथ मिलकर बहुपक्षीय विश्व व्यवस्था बनाने पर जोर दिया, जहां रूस और ब्राजील "न्यायपूर्ण बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था" के पक्षधर हैं। पुतिन के बयान को पश्चिमी विश्लेषकों ने "पिछले भाषणों की पुनरावृत्ति" करार दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध नाटो के पूर्व की ओर विस्तार के कारण शुरू हुआ और शांति के लिए नई "सुरक्षा संरचना" पर बातचीत जरूरी है। रूस यूक्रेन में अपनी सैन्य कार्रवाई को "विशेष सैन्य अभियान" बताता रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे आक्रामकता मानता है। यह बयान वैश्विक तनाव के बीच आया है। ईरान में विरोध प्रदर्शन, अमेरिका-रूस संबंधों में खटास और यूक्रेन में जारी युद्ध के परिप्रेक्ष्य में इसे देखा जा रहा है।
दुनिया को नहीं चाहिए जंगली कानून
पुतिन ने कहा कि दुनिया को "जंगल का कानून" नहीं अपनाना चाहिए और सहयोग से ही समस्याओं का समाधान संभव है। रूसी मीडिया ने इसे "वैश्विक सहयोग की अपील" बताया, जबकि पश्चिमी मीडिया ने इसे "पुरानी बकवास" कहा। पुतिन के इस बयान के बाद दुनिया की मौजूदा वैश्विक स्थिति पर नजर बनी हुई है।
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