रोटी भारतीय थाली की जान है, लेकिन सेहत के लिहाज़ से हर रोटी एक जैसी नहीं होती। साबुत गेहूं से बनी रोटी हो या फिर मल्टीग्रेन, ज्वार-बाजरा जैसे अनाजों से तैयार विकल्प, हर रोटी अपने साथ अलग-अलग पोषक तत्व लेकर आती है। सही रोटी का चुनाव आपकी डाइट, लाइफस्टाइल और सेहत से जुड़ी ज़रूरतों पर निर्भर करता है। इसी बात को आसान शब्दों में समझाते हुए क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट खुशी छाबड़ा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में रोटियों की अलग-अलग किस्मों पर रोशनी डाली है। उन्होंने बताया कि कौन-सी रोटी वजन कंट्रोल में मददगार है, कौन-सी डायबिटीज के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है और किस तरह ये रोटियाँ संतुलित व हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा बन सकती हैं।
जानें किस मरीजों को कौन सी रोटी खानी चाहिए?
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जौ की रोटी: जौ की रोटी में घुलनशील फाइबर, सेलेनियम भरपूर मात्रा में होता है। यह पेट की चर्बी कम करने में मदद करती है। इंसुलिन रिस्पॉन्स को बेहतर बनाता है। लिवर और दिल की सेहत को सपोर्ट करती है। इसका सेवन प्रीडायबिटीज़, फैटी लिवर, और कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोग कर सकते हैं।
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रागी की रोटी: रागी की रोटी में कैल्शियम, आयरन, फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। यह वज़न कम करने में मदद करता है। ब्लड शुगर कंट्रोल करती है। हड्डियों और जोड़ों को मज़बूत बनाती है। इसका सेवन, डायबिटीज़ के मरीज़, मेनोपॉज़ के बाद की महिलाएं (हड्डियों की सेहत के लिए), वेट लॉस में किया जा सकता है।
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मल्टीग्रेन रोटी: मल्टीग्रेन रोटी में फाइबर, बी-विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह रोटी डाइजेशन और गट बैलेंस को बेहतर करती है। फैट लॉस में मदद करती है। पोषक तत्वों की कमी को रोकता है। इसका सेवन PCOS, वज़न कम करने वाले लोग कर सकते हैं।
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बाजरे की रोटी: बाजरे की रोटी में भरपूर मात्रा में आयरन, ज़िंक, अघुलनशील फाइबर होता है। यह रोटी, आयरन का लेवल, एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाती है। इसका सेवन एनीमिया, ज़्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने वाले लोगों को करना चाहिए।
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बेसन की रोटी: बेसन की रोटी में प्रोटीन, फोलेट, फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाता है। फैट लॉस में मदद करता है। ब्लड शुगर को स्थिर रखता है। इसका सेवन डायबिटीज़ के मरीज़, PCOS, वज़न कम करने वाली डाइट में किया जा सकता है।
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ज्वार की रोटी: ज्वार की रोटी में फाइबर, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होता है। यह आंतों की सेहत को बेहतर बनाता है। दिल की सेहत को सपोर्ट करता है। कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम करने में मदद करता है। पेट फूलने पर, हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग इसे खा सकते हैं।
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ओट्स रोटी: ओट्स रोटी में भरपूर मात्रा में होता है: घुलनशील फाइबर, प्रोटीन। पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को बेहतर बनाता है। ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव को स्थिर करता है
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)