बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) सहित 29 नगर निकायों के चुनाव के लिए आज मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और शाम 5:30 बजे समाप्त होना था। बता दें कि इस बार बीएमसी के चुनाव में कुल 3.48 करोड़ वोटर, 15,931 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। अब वोटिंग के बाद चुनाव के रिजल्ट की बारी है। मतगणना 16 जनवरी, शुक्रवार, को सुबह 10 बजे से शुरू होगी। भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति पार्टी को ठाकरे परिवार के पुनर्मिलन के बाद चचेरे भाइयों, राज और उद्धव से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि धन से समृद्ध बृहन्मुंबई नगर निगम पर नियंत्रण के लिए मतदान हुआ और देखना होगा कि इस बार बीएमसी का मेयर किसका होगा।
शिवसेना के लिए अहम है बीएमसी चुनाव
इस बार बीएमसी का चुनाव शिवसेना के लिए काफी अहम भी है, क्योंकि शिवसेना के विभाजन के बाद यह एकनाथ शिंदे का बीएमसी का पहला चुनाव है। अपने पारंपरिक गढ़ पर कब्जा बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्पित ठाकरे परिवार के दोनों चचेरे भाइयों ने दो दशक पुरानी प्रतिद्वंद्विता को दरकिनार करते हुए बीएमसी चुनावों में शिवसेना-एमएनएस के संयुक्त अभियान के लिए हाथ मिलाया है। 2005 में अलग होने के बाद यह उनका पहला चुनावी सहयोग है।
भारत का सबसे अमीर नगर निकाय है बीएमसी
बता दें कि नगर निकाय में चार साल की देरी के बाद इस साल चुनाव हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बीएमसी ने 74,427 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट पेश किया था। इतना बड़ा बजट क्यों है तो जान लीजिए कि यह शहर प्रॉपर्टी टैक्स, डेवलपमेंट फीस और म्युनिसिपल निवेश के जरिए भारी रेवेन्यू जेनरेट करता है और बीएमसी शहर के अंदर लगभग एक राज्य सरकार की तरह ही काम करती है।
क्या क्या काम करती है बीएमसी
- बीएमसी सड़कों और नालियों से लेकर अस्पताल, स्कूल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक सब कुछ मैनेज करती है।
- बजट का एक सबसे बड़ा हिस्सा लगभग 58% इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत खर्च के लिए दिया जाता है।
- एक बड़ा हिस्सा सड़कों और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए दिया जाता है।
- एक और हिस्सा पानी और सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किया जाता है।
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर लगभग ₹5,545 करोड़ और मुंबई के पानी की सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 2,270 करोड़ रुपए आवंटित किए जाते हैं।
- कुल बजट का काम से कम 10% स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रखा जाता है।
- बीएमसी कचरा इकट्ठा करने, प्रोसेसिंग और लैंडफिल मैनेजमेंट पर सालाना लगभग ₹5,548 करोड़ खर्च करती है।
- मुंबई भर में 400 से ज्यादा म्युनिसिपल स्कूल चलाए जाते हैं, फंड का इस्तेमाल स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए किया जाता है।
- बीएमसी मुंबई की लाइफ लाइन बस सर्विस BEST को ₹1000 करोड़ की फाइनेंसियल मदद देती है।
- बजट का एक बड़ा हिस्सा एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों के लिए रिजर्व रखा जाता है, इसमें बीएमसी के हजारों कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और फायदे शामिल है।