1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Basant Panchami 2026 Date: बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है? कब हुई इसकी शुरुआत, जानिए इसका खूबसूरत इतिहास

Basant Panchami 2026 Date: बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है? कब हुई इसकी शुरुआत, जानिए इसका खूबसूरत इतिहास

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Jan 15, 2026 11:32 am IST,  Updated : Jan 19, 2026 06:49 am IST

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी का त्योहार न केवल बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है बल्कि ज्ञान और संगीत की देवी मां सरस्वती की आराधना का भी विशेष दिन है। इसलिए इसे सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। चलिए आपको बताते हैं बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है।

basant panchami- India TV Hindi
बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है? Image Source : PIXABAY

Basant Panchami (Saraswati Puja) 2026: बसंत पंचमी का त्योहार विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित है इसलिए इसे सरस्वती जंयती या सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन ही मां सरस्वती का जन्म हुआ था इसलिए ही बसंत पंचमी से विद्या का आरंभ करना बेहद शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं ये दिन साल में आने वाले सबसे शुभ दिनों में से भी एक होता है जिस कारण इस शुभ अवसर पर नया काम बिना मुहूर्त देखें शुरू किया जा सकता है। बता दें इस बार बसंत पंचमी का त्योहार 23 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। चलिए आपको बताते हैं बसंत पंचमी का इतिहास।

बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है?

  1. बसंत पंचमी पर हुआ था मां सरस्वती का जन्म - पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने जब संसार की रचना की तो उन्हें अपनी रचना में कमी महसूस हुई। तब संसार की नीरसता को दूर करने के लिए ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का जिससे एक सुंदर और अद्भुत देवी प्रकट हुईं। देवी के चार हाथ थे जिनमें से एक हाथ में वीणा, एक में पुस्तक, एक में माला थी और उनका एक हाथ वर मुद्रा में था। जैसे ही देवी ने वीणा का मधुर नाद किया वैसे ही संसार के समस्त जीवों में जान आ गई और प्रकृति में संगीत भर गया। चूंकि ये घटना बसंत पंचमी के दिन हुई थी इसलिए ही इस दिन को विद्या की देवी मां सरस्वती के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।  
  2. ऋतुराज बसंत के स्वागत का दिन - बसंत पंचमी को 'ऋतुराज बसंत' के आगमन का दिन भी माना जाता है क्योंकि इस दिन से कड़ाके की ठंड खत्म होने लगती है। पेड़ों पर नए-नए पत्ते आने लगते हैं और खेतों में सरसों के पीले फूल लहलाने लगते हैं। इस दौरान धरती पर पीला रंग खूब दिखाई देता है। इसी कारण बसंत पंचमी पर पीले रंग के वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है।
  3. कामदेव और रति की पूजा - कुछ क्षेत्रों में बसंच पंचमी के दिन प्रेम के देवता कामदेव और उनकी पत्नी रति की पूजा होती है। यही कारण है कि बसंत को प्रेम की ऋतु भी माना जाता है।
  4. बसंत पंचमी पर होता है अबूझ मुहूर्त - बसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त होता है जिस कारण इस दिन किसी भी तरह के शुभ कार्य बिना मुहूर्त के संपन्न किये जा सकते हैं क्योंकि इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल होती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Surya Gochar 2026: 15 जनवरी से शुरू हुआ इन 4 राशियों का Golden Time, अगले 30 दिन छप्पर फाड़कर बरसेगा पैसा!

Budh Gochar 2026: मकर राशि में प्रवेश करते ही बुध करेंगे चमत्कार, 3 राशि वालों को करियर में मिलेगा गोल्डन चांस

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म