Thursday, January 15, 2026
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जानें, एल्यूमिनियम के प्रेशर कुकर में खाना पकाकर खाने से कौन सी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है?

What are the side effects of aluminum in food: एल्युमिनियम के प्रेशर कुकर में खाना पकाने से सेहत से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। चलिए जानते हैं इस बर्तन में खाना पकाना आपकी सेहत के लिए है कितना खतरनाक

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Jan 15, 2026 10:07 pm IST, Updated : Jan 15, 2026 10:07 pm IST
एल्युमिनियम के कुकर में खाना बनाने से क्या होता है?- India TV Hindi
Image Source : YOUTUBE - @DESIVYANJAN एल्युमिनियम के कुकर में खाना बनाने से क्या होता है?

हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में, हममें से कई लोग एल्युमिनियम के बर्तनों जैसे- कुकर या कड़ाही में खाना बनाते हैं, एल्युमिनियम की बोतलों में पानी पीते हैं और खाने को एल्युमिनियम फॉयल में लपेटते हैं। यह मेटल हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं रोज़ाना एल्युमिनियम के बर्तनों का इस्तेमाल हमारी ज़िंदगी के लिए खतरनाक हो सकता है। चलिए जानते हैं क्यों?

एल्युमिनियम के बर्तन है खतरनाक

जब एल्युमिनियम के कुकर में खाना पकाया जाता है, तो इस मेटल का लगभग 1-2 mg हिस्सा अनजाने में खाने में मिल जाता है, जिससे कई स्वास्थ्य संबंधी खतरे हो सकते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार, एक औसत वयस्क खाने से रोज़ाना लगभग 5 mg एल्युमिनियम ले सकता है, जिसमें पीने के पानी में एल्युमिनियम की मात्रा 0.1 mg/लीटर होती है। अगर इंसान का शरीर एल्युमिनियम की तय सीमा से ज़्यादा लेता है तो यह उनकी ज़िंदगी के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यहाँ कुछ आम कारण बताए गए हैं कि एल्युमिनियम के बर्तनों को खतरनाक क्यों माना जाता है।

एल्युमिनियम के कुकर में खाना बनाने से हो सकते हैं ये नुकसान

  • दिमाग पर असर: कुछ स्टडीज़ के अनुसार, एल्युमिनियम के बर्तनों में खाना पकाने से अल्ज़ाइमर रोग होने का खतरा बढ़ सकता है। कई स्टडीज़ में, वैज्ञानिकों ने अल्ज़ाइमर रोग और पार्किंसनिज़्म डिमेंशिया से पीड़ित कुछ मरीज़ों के दिमाग के टिशूज़ में एल्युमिनियम का बढ़ा हुआ लेवल पाया है।

  • एसिडिक रिएक्शन: जब हम एल्युमिनियम के बर्तनों में खाना बनाते हैं, तो यह सिरका, टमाटर और नींबू जैसे एसिडिक खाने के साथ रिएक्ट करता है, जिससे एल्युमिनियम के आयन खाने में घुल जाते हैं। इससे खाने में एल्युमिनियम की मात्रा ज़्यादा हो सकती है, जिससे हमारे शरीर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। यही कारण है कि एल्युमिनियम के बर्तन एसिडिक डिश बनाने के लिए सही नहीं हैं।

  • हड्डियों और खून पर असर: यह कैल्शियम और आयरन के अवशोषण में बाधा डालता है, जिससे हड्डियों की कमजोरी (ऑस्टियोमलेशिया) और एनीमिया हो सकता है।

  • किडनी की बीमारियाँ: हमारे शरीर में ज़्यादा एल्युमिनियम से किडनी की बीमारियाँ हो सकती हैं। बहुत ज़्यादा एल्युमिनियम शरीर में टॉक्सिसिटी पैदा कर सकता है, जिससे किडनी फेलियर हो सकता है।

इसलिए एक्सपर्ट कहते हैं कि एल्यूमीनियम की बजाय स्टेनलेस स्टील के प्रेशर कुकर ज्यादा सुरक्षित होते हैं क्योंकि वे भोजन के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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