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AIIMS ने सर्दियों में मौत की बताई वजह? आंकड़े उड़ा देंगे होश, जानें बचाव के उपाय

 Written By: Pankaj Kumar Edited By: Ritu Raj
 Published : Jan 16, 2026 09:00 am IST,  Updated : Jan 16, 2026 09:00 am IST

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में ठंड से बचने के लिए लोग हीटर, ब्लोअर, अंगीठी चला रहे हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि इसकी वजह से हर साल कितनी जानें जाती है। AIIMS के 15 साल के डेटा के मुताबिक ''95% कार्बन मोनोऑक्साइड से मौत सर्दियों में होती हैं''। ऐसे में चलिए जानते हैं इसका रामबाण

AIIMS ने सर्दियों में मौत की बताई वजह- India TV Hindi
AIIMS ने सर्दियों में मौत की बताई वजह Image Source : FREEPIK

कंपकंपाती ठंड, धुंध में लिपटी सड़कें, अलाव के पास सिमटे लोग और एंबुलेंस का सायरन, ये इस बार की सर्दी का खौफनाक सच है। आज 16 जनवरी 2026 है और पारा हदें तोड़ चुका है। 2–3 डिग्री तक गिरावट दिल्ली का सफदरजंग 3 डिग्री, पालम 2, गुरुग्राम 0.8, हिसार 0.2 डिग्री, हालात ऐसे कि शिमला भी पीछे छूट गया और जब ठंड इतनी बेरहम हो जाए। तो हर घर, हर दफ्तर, हर गाड़ी में एक ही सहारा दिखता है हीटर, ब्लोअर, अंगीठी। लेकिन सवाल ये है जो ये आग और गर्म हवा राहत दे रही है कहीं वही चुपचाप ज़िंदगी के लिए जानलेवा खतरा तो नहीं बन रही ?

मौसम विभाग भी इसे इमरजेंसी मान रहा है। IMD ने शीतलहर का 'येलो और ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। North-Western से आने वाली शुष्क हवाएं पहाड़ों पर बर्फबारी और रेडिएशन कूलिंग अगले 2-3 दिन तक कड़ाके की ठंड का साफ सिग्नल है। ऊपर से कोहरा, खराब AQI यानि सांसों पर भी डबल अटैक और इसी डर से लोग कमरे सील कर लेते हैं। दरवाजे-खिड़कियां बंद और हीटर पूरी रात ऑन रखते हैं। और फिर यहीं से शुरू होता है असली खतरा डॉक्टर्स इसे कहते हैं 'साइलेंट किलर'। कार्बन मोनोऑक्साइड..जिसका ना रंग है, ना गंध, ना स्वाद। पता ही नहीं चलता और जब तक समझ आए बहुत देर हो चुकी होती है। हीटर बंद कमरे में ऑक्सीजन खा जाते हैं। जहरीली गैस भर जाती है। पहले चक्कर, सिरदर्द , थकान, फिर बेहोशी और फिर जान चली जाती है। 

AIIMS के 15 साल के डेटा के मुताबिक ''95% कार्बन मोनोऑक्साइड से मौत सर्दियों में होती हैं''। खासतौर पर अंगीठी और ब्रेजियर की वजह से और ये खतरा हर साल की हकीकत है। बिहार के छपरा में तीन मासूम और एक बुजुर्ग, पंजाब के तरन-तारन में दंपति और नवजात। दिल्ली के मुकुंदपुर में पूरा परिवार, कहीं सेफोकेशन, कहीं आग, कहीं शॉर्ट सर्किट, ठंड से बचने की कोशिश ने जिंदगी ही छीन ली। ऐसे में सावधानी बरतने की जरुरत है। कमरे में हवा का रास्ता खुला रखें, रात भर हीटर या अंगीठी ना जलाएं, पानी का बर्तन रखें ताकि नमी बनी रहे। 'CO डिटेक्टर' जरूर लगाएं ताकि बॉडी टेम्परेचर मेंटेन रखने में कोई गलती ना हो। क्योंकि ये प्रचंड ठंड बीमार बना रही है। सर्दी में सांस की नलियां सिकुड़ती हैं। खांसी, बलगम, सांस फूलना..अस्थमा, COPD, ब्रोंकाइटिस। यहां तक कि निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। हर साल सर्दियों में सांस से जुड़ी बीमारी '25% तक बढ़ जाती हैं'। बच्चों में क्लेम्स 41% तक उछल जाते हैं। तो याद रखिए इस ठंड में लड़ाई सिर्फ तापमान से नहीं है, लड़ाई 'लापरवाही' से भी है। गर्मी चाहिए, लेकिन समझदारी के साथ, सर्दी से बचाव चाहिए, लेकिन जिंदगी को दांव पर रखकर नहीं। क्यों स्वामी जी ?

हाइपोथर्मिया के लक्षण  

लगातार छींकना                                                  

बदन दर्द                                  
सांसें तेज 
आंखों से पानी आना 
सिर में भारीपन 
सीने में जकड़न   

कोल्ड इनटॉलरेंस                       

                                                               
डायबिटीज                       
एनीमिया  
कम वजन             
डिहाइड्रेशन
खराब ब्लड सर्कुलेशन                                                    
कम विटामिन B-12 

खाएं ये चीजें बॉडी में बढ़ेगा आयरन

पालक
चुकंदर 
मटर
अनार
सेब
किशमिश

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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