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जेएफए अधिकारियों की आपसी लड़ाई से खिलाड़ियों का भविष्य अधर में, एआईएफएफ ने लिया यह कड़ा फैसला

 Edited By: India TV Sports Desk
 Published : Nov 23, 2021 03:18 pm IST,  Updated : Nov 23, 2021 03:20 pm IST

झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन को लिखे पत्र में एआईएफएफ के महासचिव कुशाल दास ने आरोप लगाया है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद जेएफए उनके मैनेजमेंट के भीतर उनके आपसी मतभेद को सुलझाने में विफल रहा है।

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Representation image Image Source : GETTY

Highlights

  • संतोष ट्रॉफी में हिस्सा नहीं लेगी झारखंड फुटबॉल की टीम
  • राष्ट्रीय महिला चैंपियनशिप के लिए भी एआईएफएफ ने खारिज किया आवेदन
  • जेएफए अधिकारियों के बीच चल रहा है मतभेद

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन ने सोमवार को झारखंड की पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों की संतोष ट्रॉफी और राष्ट्रीय महिला चैंपियनशिप के लिए उनकी एंट्री को खारीज कर दिया है। दरअसल एआईएफएफ यह फैसला राज्य निकाय जेएफए के द्वारा किए एक से अधिक आवेदन एंट्री के बाद लिया है।

झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन को लिखे पत्र में एआईएफएफ के महासचिव कुशाल दास ने आरोप लगाया है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद जेएफए उनके मैनेजमेंट के भीतर उनके आपसी मतभेद को सुलझाने में विफल रहा है। वहीं टूर्नामेंट के लिए की एक से अधिक एंट्री का अनुरोध उनकी अंदरूनी लड़ाई का परिणाम था।

आपको बता दें की Indiatvnews.com के पास एआईएफएफ द्वारा जेएफए को भेजा गया पत्र भी है, जिसमें साफ तौर पर बताया गया है की संतोष ट्रॉफी और राष्ट्रीय महिला चैंपियनशिप के लिए कुल चार टीमों का आवेदन आया। पहले दो टीमों की सिफारिश जेएफए अध्यक्ष-हनी ने की थी जबकि सचिव और संयुक्त सचिव की तरफ से भी दो एंट्रीज भेजी गई थी।

एआईएफएफ के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने जेएफए को कई बार खिलाड़ियों के अधिकार और उनके भविष्य को लेकर आगाह किया लेकिन उसके बावजूद अंदरुनी कलह के कारण इस ओर ध्यान नहीं दिया ना ही इसका कोई संतोषजनक हल निकाला गया, जिसके कारण एआईएफएफ ने यह फैसला लिया।

इसके अलावा एआईएफएफ ने झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन पर आरोप लगाया है की वह अधिकारियों के आपसी मतभेद के कारण राज्य के खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यही कारण है एसोसिएशन यह कड़ा कदम उठाया गया है।

एआईएफएफ ने अपने पत्र में किया, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जेएफए के खिलाड़ी देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भाग लेने में असमर्थ हैं जो भाग लेने वाले खिलाड़ियों को आजीविका प्रदान करती हैं। यह देखना कि एआईएफएफ के बार-बार अनुरोध के बाद भी जेएफए मैनेजमेंट ने अपने अंदरुनी संघर्षों को हल करने के लिए तैयार नहीं था, यह खिलाड़ियों के हित में निराशाजनक है। इस प्रकार, एआईएफएफ के पास जेएफए से प्राप्त सभी चार सूचियों को अस्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, 

इस पूरे मामले को लेकर Indiatvnews.com ने झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन से संपर्क करने की कोशिश लेकिन उस ओर से अबतक कोई  प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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