पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन रहा। भारतीय एथलीट इस बार पैरालंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहे। उन्होंने 29 मेडल अपने नाम किए जिसमें सात गोल्ड, 9 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारत लौटने पर इन एथलीटों का शानदार स्वागत हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी एथलीटों से अपने आवास पर मुलाकात की और अगले पैरालंपिक गेम्स के लिए शुभमकामनाएं दी। खेल मंत्रालय ने इस मुलाकात का एक वीडियो जारी किया है जिसमें प्रधानमंत्री को पैरालंपिक मेडल जीतने वाले एथलीटों को बधाई देते और उनसे बात करते हुए देखा जा सकता है। इस मुलाकात का एक लंबा वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड किया गया है जिसमें पीएम सभी एथलीटों से विस्तृत बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
इस खास मौके पर प्रधानमंत्री ने एथलीटों से कहा कि आप सभी ने न केवल मेडल जीते हैं, बल्कि सोच भी बदली है...आजकल खेलों में मेडल और हर चीज का बहुत महत्व है और उसकी गिनती भी होती है। लेकिन 140 करोड़ की आबादी वाला देश होने के नाते हम खेलों में सिर्फ खेलने नहीं बल्कि जीतने के लिए जाते हैं। इस मुलाकात के दौरान पीएम का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। एक मौका ऐसा आया जब प्रधानमंत्री भाला फेंक खिलाड़ी नवदीप सिंह से बातचीत के दौरान विनम्रतापूर्वक टोपी स्वीकार करने के लिए फर्श पर बैठ गए। वहीं, परमार को प्रधानमंत्री मोदी से अपने पदक पर हस्ताक्षर करवाते देखा गया। पेरिस में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली बिना हाथ वाली तीरंदाज शीतल देवी ने मोदी को हस्ताक्षर वाली जर्सी भेंट की। उन्होंने अपने पैर से जर्सी पर हस्ताक्षर किए।
पीएम मोदी ने भाला फेंक खिलाड़ी नवदीप से उनके खास सेलिब्रेशन के बारें में सवाल पूछा जिसका मजेदार जवाब मिला। नवदीप ने कहा कि उनका इवेंट आखिरी दिन था। और वह 21 अगस्त के आसपास पेरिस पहुंचे। इसलिए जैसे ही मेडल आने शुरू हुए, उन्हें थोड़ी घबराहट होने लगी कि सभी जीत रहे हैं, उनका क्या होगा? नवदीप ने कहा कि सुमित, संदीप, अजीत और देवेंद्र सर जैसे वरिष्ठ एथलीट की सलाह से उन्हें शांत रहने में मदद मिली। इसलिए जब तक उनका इवेंट आया तो वह काफी रिलैक्स हो चुके थे।
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