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मोबाइल में Sim Card नहीं तो अब नहीं चला पाएंगे WhatsApp, सरकार ने Meta को दिए निर्देश

 Written By: Gaurav Tiwari
 Published : May 19, 2023 02:35 pm IST,  Updated : May 19, 2023 02:35 pm IST

अभी जब कोई यूजर पहली बार व्हॉट्सएप पर आता है तो उस समय वेरिफिकेशन के लिए सिम कार्ड कार्ड होना जरूरी होता है लेकिन एक बार वेरिफिकेशन हो जाने के बाद आप बिना सिम कार्ड के भी इसे वाई-फाई कनेक्शन से इस्तेमाल कर सकते हैं। अब इस पर बहुत जल्द रोक लग सकती है।

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डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार का यह एक बड़ा कदम है। Image Source : फाइल फोटो

Sim binding Solution for Whatsapp : अगर आप WhatsaApp का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए ये खबर काम की है। व्हॉट्सएप में बहुत जल्द एक बड़ा अपडेट आने वाला है जिसके बाद मोबाइल में आप बिना सिम कार्ड के व्हॉट्सएप को इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। मतलब व्हॉट्सएप चलाने के लिए स्मार्टफोन में सिम कार्ड का होना जरूरी होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार फ्रॉड और स्पैम काल को रोकने के लिए मेटा के स्वामित्त वाली कंपनी व्हॉट्सएप से सिम बाइंडिंग सॉल्यूशन लाने को लेकर बात कर रही है। 

आपको बता दें कि अभी जब कोई यूजर पहली बार व्हॉट्सएप पर आता है तो उस समय वेरिफिकेशन के लिए सिम कार्ड कार्ड होना जरूरी होता है लेकिन एक बार वेरिफिकेशन हो जाने के बाद आप बिना सिम कार्ड के भी इसे वाई-फाई कनेक्शन से इस्तेमाल कर सकते हैं। 

इस वजह से लाया जा रहा है यह नियम

इसके साथ ही वेब पर कई ऐसी वेबसाइट्स भी हैं जो फर्जी नंबर्स से व्हॉट्सएप चलाने की इजाजत देती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि स्पैम कॉल्स और व्हॉट्सएप में बढ़ रहे धोखाधड़ी को रोकने के लिए व्हॉट्सऐप के साथ सिम बाइंडिंग जैसी सुविधा को शुरू करने पर चर्चा चल रही है। इस सर्विस में समय समय पर चेक किया जाता है कि यूजर के मोबाइल पर सिम कार्ड है या नहीं?

ऐसे काम करती है Sim binding सर्विस

आपको बता दें कि सिम बाइंडिंग एक सिक्योरिटी फीचर है। यह यूजर्स को फ्रॉड से बचने में मदद करती है। सिम बाइंडिंग सर्विस का इस्तेमाल बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर होता है। इसमें यूजर्स के सिम की पहचान एसएमएस और कॉल वेरिफिकेशन के जरिए होती है।  इस तकनीक का उपयोग बड़े पैमाने पर सुरक्षा कारणों से किया जाता है। 

आपको बता दें कि अगर आप अपने बैंक से अपने अकाउंट की कुछ डिटेल लेना चाहते हैं तो आपको अपने रजिस्टर्ड नंबर से कॉल या मैसेज करना होता है। बैंक की तरफ से रजिस्टर्ड नंबर पर वेरिफिकेशन के बाद ही डिटेल शेयर की जाती है। ठीक इसी तरह से व्हॉट्सऐप भी सिम बाइंडिंग सर्विस को शुरू कर सकता है। 

व्हॉट्सएप पर हैं निगाहें

बहुत जल्द फेक अकाउंट्स को ब्लॉक करने का कदम उठा सकती है ताकि धोखाधड़ी के मामलों को होने से पहले ही रोका जा सके। अब यह देखना होगा कि व्हॉट्सएप सरकार के सिम बाइंडिंग सर्विस को किस तरह से शुरू करता है या फिर इसका कोई और अल्टरनेटिव ऑप्शन तलाशा जाता है। 

रिपोर्ट्स की मानें तो फ्रॉड काल्स और स्पैम काल्स को रोकने के लिए आगे चलकर एक पोर्टल भी बनाया जा सकता है जिसमें दूरसंचार विभाग व्हॉट्सऐप के साथ फर्जी मोबाइल नंबर और फेक अकाउंट्स की सूची को भी अपडेट करेगा। 

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