विपक्ष ने वोटिंग लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग को लगातार कठघरे में खड़ा किया है। ऐसे में चुनाव आयोग पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की तैयारी कर रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि वोटों की चोरी लंबे समय से हो रही है। 10-15 साल से सिस्टमैटिक तरीके से ऐसा हो रहा है। वह अपने साथ दो लोगों को लेकर भी आए थे। इनमें से एक का वोट डिलीट हुआ था। वहीं, दूसरे के नाम से डिलीट करने का आवेदन किया गया था।
कोर्ट ने चुनाव आयोग को 65 लाख मतदाताओं की सूची जारी करने का आदेश दिया था, जिनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं थे। आयोग ने बताया कि इनमें से 22 लाख मृत, 36 लाख स्थानांतरित, और 7 लाख डुप्लिकेट नाम थे।
संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष देश में अस्थिरता पैदा करना चाहता है। विपक्षी नेता चाहते हैं कि देश के लोग सड़कों पर आ जाएं, लेकिन देश की जनता समझदार है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी के पास मतदाताओं की सॉफ्ट कॉपी मौजूद है, लेकिन विपक्षी दलों के पास नहीं है। ऐसे में कैसे कहा जा सकता है कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पूरा जोर 15 दिन की विंडो पर था। इस दौरान उन्होंने बार-बार सभी राजनीतिक दलों और लोगों से अपील कर कहा कि मतदाता सूची में जो अनियमितताएं हैं, उन्हें दूर करने में मदद करें।
वोट चोरी' के आरोपों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है, इसमें चोरी की गुंजाइश नहीं।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगातार गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया गया। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ने सात दिन के अंदर उनसे सबूत मांगे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग में सिर्फ बदलाव नहीं, बल्कि आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत है। उन्होंने लिखा कि सभी को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए।
दरभंगा के बीएलए ने चुनाव आयोग को 655 ऐसे लोगों की लिस्ट दी है, जिनके नाम दो अलग-अलग जगहों से मतदाता के रूप में दर्ज हैं। इन लोगों को दो अलग-अलग एपिक नंबर मिले हुए हैं। ऐसे में सूची में सुधार करने की बात कही गई है।
INDIA गठबंधन के नेता आज सड़क पर उतरे हैं। 25 विपक्षी दलों के 300 से अधिक सांसद सोमवार को संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च कर रहे हैं। राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों 2024 के लोकसभा चुनावों में वोट चोरी का आरोप लगाया है। साथ ही बिहार में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध कर रहे हैं।
भारत में दो वोटर कार्ड रखने वालों के लिए सजा और जुर्माने का प्रावधान है। अगर आपके पास भी दो वोटर कार्ड हैं तो जानें क्या करें। क्या मिलती है सजा और कितना लग सकता है जुर्माना, जानें सबकुछ...
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में लगभग एक करोड़ फर्जी मतदाता हैं और वोटर लिस्ट में सुधार की मांग की है। यहां मतदाताओं की कुल संख्या सात करोड़ से ज्यादा है।
राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते रहे हैं। अब उन्होंने 5 अगस्त को बेंगलुरू में सबूत देने की बात कही है।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर धांधली के आरोप लगाए थे और कहा था कि इसमें शामिल अधिकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा। इस पर चुनाव आयोग ने अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है।
चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। अब सभी मतदाता लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं। जिन लोगों का नाम लिस्ट में नहीं है। वह एक सितंबर तक नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने एसआईआर कराया है। इससे मतदाता सूची में मौजूद गड़बड़ियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
चुनाव आयोग ने आंकड़े पेश करते हुए बताया है कि बिहार के 99.8% वोटर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में कवर हो चुके हैं। बचे हुए वोटर्स की लिस्ट सभी पार्टियों के साथ साझा कर दी गई है।
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार को पत्र लिखा है। पत्र लिखकर चुनाव आयोग ने राज्य में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को प्रशासन के नियंत्रण से अलग करके उसकी पूर्ण प्रशासनिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। आइये जानते हैं वायरल हो रही इस पोस्ट के दावे का का पूरा सच क्या है?
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