लेफ्टिनेंट जनरल Y.K. Joshi ने GST Reform को लेकर किया सरकार को धन्यवाद, बोले, "GST रिफॉर्म के लिए सरकार को धन्यवाद. इससे डिफेंस और रक्षा क्षेत्र में काफ़ी फ़ायदा होगा. भारतीय सेना और फोर्सेस अब और सिमुलेटर ख़रीद पाएंगी इसमें zero GST है". ज्यादा जानकारी के लिए देखें ये वीडियो.
GST Rate Cut List: जीएसटी काउंसिल के ऐलान से आम आदमी के जीवन में इस्तेमाल होने वाली रोजमर्रा की चीजें सस्ती होने जा रही हैं। पनीर, छेना, कोई भी पराठे या भारतीय रोटियों पर अब कोई जीएसटी नहीं देना होगा।
GoM की यह सिफारिशें अब जीएसटी काउंसिल को भेजी जाएंगी। परिषद की मंजूरी के बाद ही यह बदलाव लागू होंगे। अगर ऐसा होता है तो यह जीएसटी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सुधार कहलाएगा।
दिवाली से पहले जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर फैसला संभव है। मौजूदा समय में GST के चार मुख्य स्लैब हैं-5%, 12%, 18% और 28% हैं जिसे कम कर दो स्लैब में लाने का प्रस्ताव है। टैक्स ढांचा सरल होने से कॉम्प्लायंस कॉस्ट घटेगा, जिससे कंपनियां कीमतें घटा सकती हैं।
1 जुलाई, 2017 से लागू किए गए जीएसटी ने 17 टैक्स और 13 सरचार्ज को एकीकृत किया है। यह भारत की आर्थिक प्रगति के चालक के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिर्फ उसी राज्य में ही होता था, जहां आप अपना जीएसटी रजिस्टर कर रहे हैं। हालांकि, अब बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन प्रोसेस उस राज्य के बजाय अपने गृह राज्य में ही पूरी की जा सकती है, जहां जीएसटी रजिस्ट्रेशन की मांग की जा रही है।
दिसंबर 2024 के दौरान, घरेलू लेनदेन से जीएसटी 8.4 प्रतिशत बढ़कर 1.32 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात पर टैक्स से राजस्व लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 44,268 करोड़ रुपये हो गया।
सरकार के इस फैसले से कारोबारी इकाइयों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित साझा जानकारी के आधार पर तेजी से कर्ज पाने में मदद मिलेगी।
अक्टूबर 2022 में सकल GST संग्रह 1,51,718 करोड़ रुपये था। इसमें CGST 26,039 करोड़ रुपये, SGST 33,396 करोड़ रुपये और IGST की हिस्सेदारी 81,778 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर एकत्रित 37,297 करोड़ रुपये सहित) है।
जीएसटी व्यवस्था में अप्रैल 2018 से 50,000 रुपये से अधिक मूल्य की वस्तुओं के इंटर-स्टेट ट्रांसपोर्टेशन के लिए ईवे बिल को अनिवार्य कर दिया गया है।
जीएसटीएन ने रविवार को कहा कि लॉकडाउन के पहले दस दिन के दौरान तीन अप्रैल तक उसके अधिकारियों ने 10,000 से अधिक नए पंजीकरण तथा करीब 8,000 रिफंड के आवेदनों का अपने स्तर पर जांच व निपटान किया है।
जीएसटी परिषद ने मोबाइल फोन पर माल एवं सेवाकर (जीएसटी) दर को 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है।
अधिकारियों ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में परिषद की बैठक में जीएसटी नेटवक पोर्टल पर परिचालन संबंधी खामियों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
जीएसटी हेल्पडेस्क का मौजूदा नंबर 0120- 24888999 बंद कर दिया गया है। जीएसटी हेल्पडेस्क को दैनिक औसतन 8,000 से लेकर 10,000 तक फोन कॉल आते हैं।
जीएसटी नेटवर्क ने रविवार को कहा कि दो करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाले करीब 92 प्रतिशत बड़े करदाताओं ने 2017-18 के लिये सालाना रिटर्न भर दिया है।
केंद्र और राज्य सरकारों की कंपनी में कुल मिलाकर 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है
मालवाहनों के लिए बिना रुके टोल भुगतान की फास्टैग सुविधा को जीएसटी ई-वे बिल प्रणाली से जोड़ने के लिए आईएचएमसीएल और जीएसटीएन आज सोमवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे।
माल एवं सेवाकर नेटवर्क (जीएसटीएन) 22 अक्टूबर यानी मंगलवार को जीएसटी रिटर्न भरने के नए संस्करण को जारी करेगा। जिसका मकसद रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ने शनिवार को कहा कि जीएसटी में होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिये जनवरी 2020 से नये डीलरों के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। जीएसटीएन पर मंत्रियों के समूह के प्रमुख एवं बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एक बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से कहा, 'नये डीलरों के लिये आधार सत्यापन अनिवार्य किया जाएगा।
केंद्र में गठित मोदी सरकार-2 के दूसरे कार्यकाल में जीएसटी परिषद की पहली बैठक 20 जून को आहुत की जाएगी।
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