कंगाल पाकिस्तान को आखिरकार कर्ज की 'भीख' मिल ही गई। आईएमएफ के बाद दोस्त सऊदी अरब ने 2 अरब डॉलर का कर्ज दिया है। आईएमएफ के पाकिस्तान को कर्ज देने के आश्वासन के बाद सऊदी अरब ने भी पाकिस्तान को मदद की है।
आज यह तय होना था कि उन्हें कर्ज मिलेगा या पाकिस्तान डिफाल्टर साबित होगा। आखिरकार शहबाज शरीफ का मिन्नतें करना काम आ गया और पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर की मदद मिल गई।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार से पत्रकार शाहिद कुरैशी ने आईएमएफ सौदे को लेकर कुछ चुभते हुए सवाल पूछ लिए जिसके बाद उन्होंने आपा खो दिया।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गिर चुकी है और पाकिस्तान में लोगों के पास खाने तक को पैसे नहीं है। इस कारण पाकिस्तान में बार्टर व्यापार की शुरुआत कर दी गई है।
बंगा विश्व बैंक की अध्यक्षता करने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी हैं। वह डेविड मालपास के स्थान पर आए हैं, जिन्होंने फरवरी में इस्तीफा देने का फैसला लिया था।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था का जहाज डूबने के कगार पर है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अमेरिकी नीतियों को वैश्विक चिंता का कारण बननने के लिए अमेरिकी सरकार की आलोचना की।
यह देश IMF का दूसरा सबसे बड़ा कर्जदार है। लेकिन दूसरी तरफ इस देश की सरकार भव्य इमारतें, भव्य मस्जिदें और नई प्रशासनिक राजधानी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर अनाप शनाप खर्च कर रही हैं।
Bangladesh World Bank Loan: बांग्लादेश के लंबे समय से पेंडिंग मामले पर विश्व बैंक ने आखिरकार मुहर लगा दी है। बैंक ने 1.25 बिलियन डॉलर का लोन देते हुए कुछ नियम फॉलो करने का आदेश दिया है।
पाकिस्तान ने आईएमएफ के साथ समझौता करने के लिए मार्च में सऊदी अरब से धनराशि देने की पुष्टि करने का आग्रह किया था।
आईएमएफ ने कहा कि भारत की विकास दर भले की गिरावट की ओर संकेत कर रही है। लेकिन इसकी स्थिति दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले फिर भी अच्छी है।
पीआईए के कर्मचारियों की मांग है कि रमजान के महीने में सरकार उनका वेतन नहीं रोके, इसके अलावा पीआईए पायलट विमान नहीं उड़ाने पर भी विचार कर रहे हैं। इस बीच दुनिया भर से मदद मांग कर देश चलाने को मजबूर शहबाज सरकार के सामने IMF की नई रिपोर्ट ने बड़ी चुनौती ला दी है।
IMF के मुताबिक चीन की वृद्धि दर 2023 में 5.2 प्रतिशत और 2024 में 4.5 प्रतिशत रह सकती है। इसकी वृद्धि दर 2022 में तीन प्रतिशत थी।
महंगाई और कर्ज से कंगाल हुआ पाकिस्तान यदि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता करने में कामयाब ना हुआ तो उसे दिवालिया होने से कोई नहीं बचा सकता। दरअसल पाकिस्तान आईएमएफ के साथ 1.1 अरब डालर के राहत पैकेज पर कर्मचारी स्तर का समझौता नहीं कर सका है। जबकि यह समझौता होना पाकिस्तान के लिए बहुत जरूरी है।
IMF Recession: 6 अप्रैल को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी कहा था कि अमेरिकी बैंक के दिवालिया होने से महंगाई पर असर पड़ा है। अब आईएमएफ ने भी मुहर लगा दी है।
पाकिस्तान में सऊदी अरब के राजदूत ने हाल ही में संकेत दिए थे कि उनके देश ने ‘मुश्किल हालात में हमेशा पाकिस्तान की मदद की है और जल्द ही अच्छी खबर दी जाएगी।
IMF News: आईएमएफ ने श्रीलंका को आर्थिक संकट से निकलने और अन्य विकास साझेदारों से वित्तीय सहयोग लेने में मदद करते हुए मंगलवार को तीन अरब डॉलर के राहत पैकेज को मंजूरी दे दी है।
आईएमएफ ने बयान में कहा कि उसका कर्ज सहायता कार्यक्रम चार साल तक चलेगा जिसमें शुरुआती 18 महीनों तक यूक्रेन के व्यापक बजट घाटे को पाटने पर जोर रहेगा।
कर्ज में डूबे श्रीलंका को आर्थिक संकट से उबारने और अन्य विकास साझेदारों से वित्तीय मदद हासिल करने के लिए आईएमएफ ने तीन अरब डॉलर के राहत कार्यक्रम को मंजूरी दी है।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गंभीर दबाव में है। देश को आईएमएफ से 1.1 अरब डॉलर की किस्त का बेसब्री से इंतजार है। यह आईएमएफ के 6.5 अरब डॉलर के राहत पैकेज का हिस्सा है जिसकी मंजूरी मुद्रा कोष ने 2019 में दी थी।
समाचार पत्र डॉन के मुताबिक पाकिस्तान सरकार को जल्द से जल्द अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ एक समझौते पर पहुंचना होगा, क्योंकि देश के पास मुश्किल से तीन सप्ताह के आयात के लिए मुद्रा भंडार है
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़