कर्ज से दबे इस देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 2.9 अरब डॉलर का राहत पैकेज मिलने का रास्ता साफ हो गया है
पाकिस्तान अभी गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। एक तरफ वह आईएमएफ से कर्ज लेने की कोशिश में लगा है लेकिन उसे कर्ज नहीं मिल रहा है तो दूसरी तरफ खबर ये मिल रही है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस्तीफा दे सकते हैं।
एक तरफ तो पाकिस्तान आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी अमीरो के शौक जानकर हो जाएंगे हैरान। यहां के एक अमीर की बेटी की शादी में 72 करोड़ रुपये मिले हैं। है ना हैरानी वाली बात-
पहले ही चीन के कर्ज के बोझ से झुका कंगाल पाकिस्तान चीन के कर्ज के जाल में बुरी तरह फंसने वाला है। चीन का कर्ज वापस न चुका पाने की स्थिति में विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच दोस्ती में दरार पड़ने वाली है। दोस्ती में दरार का कारण 'पैसा' है।
दुनिया भर में घूम-घूम कर भीख मांग रहे पाकिस्तान को अब कोई शर्म- हया नहीं बची रह गई है। पाकिस्तान जिस चीन को अपना पक्का दोस्त बताता था, उसने जब उसे फूटी कौड़ी भी देने से मना कर दिया तो भी पाक ने ड्रैगन का पीछा नहीं छोड़ा। यह कहकर पीछे लगा रहा कि कुछ तो दे दो...जितना हो सके उतना ही दे दो...।
भारत की वृद्धि बाकी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं की तरह थोड़ी धीमी होगी, लेकिन वैश्विक औसत से ऊपर रहेगी। इस तरह 2023 में वैश्विक वृद्धि में भारत का योगदान लगभग 15 प्रतिशत होगा।
अब पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की कर्ज देने की कड़ी शर्तें मानने पर मजबूर होना पड़ा है। ऐसे में आने वाले समय में पाकिस्तान को देश चलाने के लिए थोड़े पैसे जरूर मिल जाएंगे, लेकिन टैक्स और महंगाई की मार और पड़ने से आम जनता का जीना दूभर हो जाएगा।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को International Monetary Fund (IMF) ने नसीहत दी है और बताया है कि कैसे वह अपनी गरीबी को दूर कर सकता है और अपनी आर्थिक हालत ठीक कर सकता है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने बुधवार को देश की नेशनल असेंबली में वित्त (सप्लीमेंट्री) विधेयक 2023 पेश किया। डार ने पिछले हफ्ते ऐलान किया था कि सरकार आईएमएफ बेलआउट पैकेज पाने के लिए एक मिनी-बजट (Mini Budget) पेश करेगी।
पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है। सिर्फ 10 दिन तक ही वह विदेश से आयात कर सकता है। वैसे 1.2 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज IMF से मिल भी जाता, तो भी उसका भला नहीं होता।
ईसीसी ने आईएमएफ की अग्रिम शर्तें पूरी करने के लिए शून्य-रेटिंग वाले उद्योगों के साथ-साथ किसान पैकेज पर जारी बिजली टैरिफ सब्सिडी को भी बंद करने की मंजूरी प्रदान कर दी।
कर्ज के लिए आईएमएफ ने कई शर्तें पाकिस्तान पर लाद दी हैं। जिसे स्वीकार करना पाकिस्तान के लिए आर्थिक रूप से बहुत मुश्किलभरा होगा। इस बात को लेकर पाक पीएम शहबाज शरीफ को भी बड़ा डर सता रहा है।
पिछले महीने पाकिस्तान को यूएई से तीन अरब डॉलर की मदद मिली है और इस वजह से यह कंगाल होने से बच गया। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को एक अरब डॉलर की मदद दी है। यह रकम एक महीने का तेल आयात पूरा करने के लिए भी काफी नहीं है।
पाकिस्तान के लिए आज एक और बुरी खबर आ गई। पहले से ही नकदी संकट से जूझ रहे इस्लामिक देश के लिए पैसों का जुगाड़ करने का एक रास्ता बंद होता दिख रहा है।
आर्थिक बदहाली का दंश झेल रहे श्रीलंका को संकट से उबारने के लिए चीन ने जो मदद की पेशकश की थी, उसे न तो पूरी किया और न ही वह पर्याप्त है। अमेरिका ने कहा कि चीन ने श्रीलंका को ऋण पुनर्गठन के लिए जो पेशकश की वह पर्याप्त नहीं है।
आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल फिर भारती की विकास दर दुनिया में सबसे तेज रहेगी। चीन भी भारत से काफी पीछे रहेगा।
कंगाल पाकिस्तान दो वक्त की रोटी को मोहताज हो गया है। आर्थिक तबाही से पाकिस्तान में भूख और गरीबी तांडव दिखा रही है। इस बीच पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर है। इसके बाद मौजूदा हालातों से उबर पाना पाकिस्तान के लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) ने पाकिस्तान कई बड़ी शर्तें और लगा सकता है।
पाकिस्तान के साथ अपनी महत्वपूर्ण वार्ता से पहले IMF ने इसके बजटीय अनुमानों में 2,000 अरब रुपये की गड़बडी पाई है।
जयशंकर का श्रीलंका जाना चीन को बेचैन कर गया, और अब तक मदद के नाम पर आंखें चुराने वाला ड्रैगन बड़ा खेल करने की फिराक में है।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो जाने से हाहाकार मचा है। कंगाल पाकिस्तान को खाने के लिए दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही है। आटा, दाल, चावल और रोटी के लिए भीषण जंग छिड़ी है। महंगाई की मार ने पाकिस्तान को दिवालिया बनाने के कगार पर खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान की यह हालत यूं ही नहीं हुई है।
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