भारत ने गत एक दिसंबर को औपचारिक रूप से जी20 समूह की अध्यक्षता संभाली थी। जॉर्जीवा ने कहा, हम जी20 के अध्यक्ष के रूप में भारत के नेतृत्व पर बहुत भरोसा करते हैं।
एशिया से लेकर यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका तक मंदी की मार है। महंगाई से जनता बेहाल हो रही है। ऐसे मुश्किल वक्त में पूरी दुनिया को भारत से बड़ी उम्मीद है। जो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) पाकिस्तान की कर्ज न लौटा पाने की क्षमता को भांपकर उसे फूटी कौड़ी देने को तैयार नहीं है,वही आइएमएफ भारत को दुनिया की उम्मीद बता रहा।
पाकिस्तान ने आईएमएफ से छह अरब डॉलर की मदद मांगी थी, लेकिन अभी तक इस मदद में 1.1 अरब डॉलर की मंजूरी नहीं मिली है। यह राशि नवंबर में ही मिलनी थी।
कंगाल होने की कगार पर पहुंच गया है पाकिस्तान, लेकिन अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है। झूठ और फरेब पाकिस्तान की रगों में है। इसका उदाहरण खुद पाक पीएम शहबाज शरीफ ने दिया है। उन्होंने कर्ज के लिए आईएमएफ से जुड़ा गलत दावा पाक की जनता के सामने पेश किया, लेकिन उनकी पोल खुल गई। पढ़िए क्या है पूरा मामला?
Pakistan China News: रिवॉल्विंग बैंक अकाउंट खोलने की चीन की मांग को पाकिस्तान ने मान लिया है। इस देश के लिए चीन के साथ अच्छे संबंध एक बार फिर महत्वपूर्ण हो गए हैं, क्योंकि सरकार आईएमएफ को संतुष्ट नहीं कर पाई है।
इंडोनिशया के बाली में जी-20 की घोषणा को अंजाम तक पहुंचाने में भारत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस बात की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। अब भारत के नए योजना का समर्थन IMF ने करने का ऐलान कर दिया है।
IMF Chief on China Protests: चीन में जारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि समय आ गया है कि वह व्यापक लॉकडाउन की नीति से हटे। और कोविड-19 के लिए अधिक लक्षित दृष्टिकोण की तरफ बढ़े।
G20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।
आज के समय में दुनिया के कई देश मंदी की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं भारत एक मजबूत स्थिति में खड़ा है। आरबीआई के गवर्नवर शक्तिकांत दास ने वित्त वर्ष 2022-23 में सात प्रतिशत की ग्रोथ रेट बरकरार रहने की बात कही है।
विक्रमसिंघे ने भरोसा जताया कि यदि वार्ता आगे बढ़ती है तो श्रीलंका ''व्यवस्थित ढंग से'' आगे बढ़ेगा और अपने सबसे बुरे आर्थिक संकट से उबरने में सफल रहेगा।
इस दौरान भारत जी20 समूह की 200 से अधिक बैठकों की मेजबानी करेगा। इस बीच आईएमएफ के एशिया प्रशांत विभाग में उप निदेशक एन्नेर मारी गुल्दे-वुल्फे ने कहा है कि बीते कुछ वर्षों से भारत डिजिटलीकरण का अगुआ रहा है और इनोवेशन के जरिये कई प्रशासनिक समस्याओं को दूर करने में सफल भी रहा है।
सीतारमण ने आईएमएफ की ताजा बैठक में कहा, आर्थिक बुनियादी पहलुओं और सरकार के संरचनात्मक सुधारों के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है।
इशाक डार के साथ अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत मसूद खान और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे और एयरपोर्ट पर अच्छा खासा तमाशा हो गया था।
India will become $10 trillion economy: IMF के चीफ इकोनोमिस्ट पियरे ओलिवियर गौरिनचास ने भारतीय अर्थव्यवस्था को 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का फॉर्मूला सुझाया है। गौरिनचास के मुताबिक शिक्षा (Education) और स्वास्थ्य (Health) में निवेश बढ़ाकर भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को रफ्तार दी जा सकती है।
आईएमएफ का मानना है कि डिजिटलीकरण के चलते ही भारत सरकार बहुत से ऐसे काम कर पाई है जो इसके बिना बहत ही कठिन होते।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2013 से डीबीटी के जरिए 24.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि लाभान्वितों तक पहुंचाई गई है जिसमें से 6.3 लाख करोड़ रुपये के लाभ सिर्फ 2021-22 में ही पहुंचाए गए।
IMF रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले वित्त वर्ष में वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर 2.7 फीसदी रहने का अनुमान है। अमेरिका से लेकर विश्व के सभी देशों की विकास दर कम रहने की संभावना है।
आईएमएफ के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक से पहले यहां एक प्रमुख नीतिगत भाषण में आईएमएफ की प्रबंध निदेशक जॉर्जिवा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगले सप्ताह जारी होने वाले विश्व आर्थिक परिदृश्य में वैश्विक वृद्धि अनुमानों को और घटाया जाएगा।
IMF वैश्विक आर्थिक वृद्धि के अनुमान को पहले ही तीन बार कम कर चुका है। अब इसके वर्ष 2022 में घटकर 3.2 प्रतिशत और वर्ष 2023 के लिए 2.9 प्रतिशत ही रहने की स्थिति बनती दिख रही है।
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