शिवरात्रि के दिन शिव की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन शिवलिंग पर लौंग को जोड़ा चढ़ाए जाने की भी मान्यता है।
महाशिवरात्रि के दिन देश के हर शिवमंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी लाइन लगी रहेगी। इस दिन कुछ आसान के उपाय लोगों को जरूर करने चाहिए इससे जातक को काफी फायदा मिलेगा।
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का व्रत करने से महादेव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लेकिन महाशिवरात्रि व्रत के कुछ नियम हैं जिनका पालन करना बेहद जरूरी है।
Monday remedies: अगर आपके जीवन में कई तरह की परेशानियां चल रही हैं तो सोमवार के दिन इन आसान उपायों को जरूर आजमाएं। इन उपायों को करने से आपके हर समस्या का समाधान मिल जाएगा।
Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली पर बने कुछ चिह्न भगवान शिव की कृपा का प्रतीक माने जाते हैं। आज हम आपको इन्हीं चिह्नों के बारे में अपने इस लेख में जानकारी देंगे।
Mahashivratri: महाशिवरात्रि के दिन साल 2025 में 60 साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस संयोग में कुछ चीजों को घर में लाने से शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होगी।
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाता है, इससे महादेव खुश होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
महमूद गजनवी के आक्रामण के बाद कुछ पुजारियों ने खंडित शिवलिंग के अवशेष को संरक्षित कर लिया था, जो अब 100 वर्षों बाद सबके सामने आया है।
महाशिवरात्रि देश भर के मंदिरों में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था।
महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी, ऐसे में शिव पूजा के लिए इस दिन भक्तों की कतारें शिवलयों में लगी रहेंगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस दिन भद्रा भी लगने जा रही है, जो शास्त्रों के मुताबिक शुभ नहीं माना जाता है।
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का पर्व इस साल 26 फरवरी को मनाया जाएगा। शिव भक्तों के लिए यह दिन सबसे खास होता है। आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे कि महाशिवरात्रि और शिवरात्रि में क्या अंतर होता है।
महाशिवरात्रि के दिन को बेहद पवित्र माना गया है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। ऐसे में इस दिन विशेष पूजा आदि का विधान है। ऐसे में आइए बताते हैं कि इस दिन किन मंदिरों में दर्शन करने जरूर जाएं।
महाशिवरात्रि के दिन देश भर के सभी शिव मंदिरों में भोलेनाथ की पूजा की जाएगी। कुछ लोगों के मन में यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?
महाशिवरात्रि के दिन पूरे देश में भगवान शिव की आराधना की जाएगी। इसके अलावा, शिवरात्रि पर भी भोलनाथ की पूजा होती है। कुछ लोग दोनों को एक मानते जो सही नहीं है, आइए जानते हैं क्या है अंतर...
MahaShivratri 2025: भगवान शिव की पूजा बिना बेलपत्र के अधूरी मानी जाती है। आखिर बेलपत्र अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न क्यों होते हैं। सबसे पहले महादेव को बेलपत्र किसने अर्पित किया था। यहां जानिए मान्यताएं और पौराणिक कथा।
Mahashivratri 2025 Date Muhurat: महाशिवरात्रि का त्यौहार फाल्गुन माह की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। यही वो पावन तिथि है जब भगवान शिव और मां गौरी शादी के बंधन में बंधे थें। तो आइए जानते हैं महाशिवरात्रि की पूजा मुहूर्त के बारे में।
Mahashivratri 2025: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का दिन बेहद ही खास मानी जाती है। यह वो पावन दिन है जब माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह संपन्न हुआ था। तो आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन पूजा करते समय भगवान शिव के किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।
Pradosh Vrat 2025 Remedies: 9 फरवरी को रवि प्रदोष का व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव के साथ सूर्य देव की पूजा करने से जातक की सभी मनोकामना पूरी होती है। इसके साथ ही प्रदोष व्रत के दिन इन आसान उपायों को करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है, इस दिन भोलेनाथ पृथ्वी लोक के लोगों पर अपनी नजर बनाए रखते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन कौन-कौन से उपाय किए जाने चाहिए?
प्रदोष व्रत के दिन साधक को भोलनाथ की पूजा करनी चाहिए। इस दिन साधक को व्रत रखनी चाहिए और शाम को शिवलिंग पर जलाभिषेक करना चाहिए।
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