पर्सनल लोन विशेष मौकों या किसी इमरजेंसी में काम आने वाला एक लोन साधन है। हालांकि इस पर ब्याज दर बाकी कैटेगरी के लोन के मुकाबले ज्यादा होती है। जानकारों का मानना है कि पर्सनल लोन को बिल्कुल आखिरी विकल्प के तौर पर चुनना चाहिए।
अगर लोन लेने के बाद किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो बैंक सबसे पहले उस लोन अकाउंट के को-ऐप्लिकैंट से संपर्क करेगा।
Personal Loan अप्लाई करने से पहले इन अहम पहलुओं पर ध्यान देकर न सिर्फ आप पैसे बचा सकते हैं, बल्कि भविष्य की वित्तीय परेशानियों से भी बच सकते हैं।
अगर आप सबसे सस्ती दर पर पर्सनल लोन की तलाश कर रहे हैं अप्लाई करने से पहले होम वर्क जरूर कर लें। ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज की जानकारी पहले ही ले लें। बैंक का कोई शर्त हो तो वह भी अच्छी तरह जान लें।
अगर आप कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह बड़ी खबर है। सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक ऑफ महाराष्ट्र, मौजूदा समय में सिर्फ 8.75% की शुरुआती ब्याज दर पर पर्सनल लोन ऑफर कर रहा हैं। खास बात यह है कि अगर आपकी सालाना इनकम केवल ₹3 लाख हो तब भी आप इस लोन के लिए पात्र हो सकते हैं।
Personal Loan लेना क्या हमेशा सही फैसला होता है? अगर आप पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करने वाले हैं तो इससे पहले ब्याज सहित हर पहलु को अच्छी तरह समझ लें, यह आपके ही हित में होगा।
दोनों ही भुगतान माध्यम सुरक्षित हैं, लेकिन अंतर इस बात पर निर्भर करता है कि उपयोगकर्ता कितनी सावधानी और जिम्मेदारी से इनका इस्तेमाल करते हैं। सुरक्षा तकनीक जितनी मजबूत हो, सुरक्षित उपयोग की आदतें उतनी ही जरूरी हैं।
पर्सनल लोन ज़िंदगी में सामने आने वाले खर्चों को संभालने के लिए सबसे सुविधाजनक फाइनैंशियल सॉल्यूशंस में से एक है, बशर्ते कि आप इसकी अच्छी तरह से योजना बनाएं।
तत्काल बदलावों से बैंकों को लोन देने में ज्यादा छूट मिलेगी। ब्याज दरों के अंतर को अब जल्दी समायोजित किया जा सकता है और कुछ ग्राहक शुल्कों में 3 साल के लिए लॉक-इन के बजाय कभी भी कटौती की जा सकती है।
पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड लंबी अवधि में बचत के लिए भारत सरकार की एक सेविंग स्कीम है। इसमें आपको गारंटीड रिटर्न मिलता है। पीपीएफ अकाउंट में 15 साल के लिए लॉक इन पीरियड होता है। इसके बाद अगर आप चाहें तो अकाउंट को हर पांच साल के लिए बढ़ा सकते हैं।
पर्सनल लोन रिजेक्शन के पीछे अक्सर तकनीकी या व्यवहारिक गलतियां होती हैं, जिनसे बचा जा सकता है। अगर आप तय नियम और शर्तों को पूरा करते हैं तो आपके लोन अप्रूवल के चांस कई गुना बढ़ सकते हैं।
पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन राशि होती है जो बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा व्यक्तिगत जरूरतों के लिए व्यक्ति को दी जाती है। इसे लेने के लिए किसी संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। यह लोन आमतौर पर आपातकालीन खर्च, शादी, मेडिकल इमरजेंसी, शिक्षा, ट्रैवल, या किसी बड़े खरीदारी के लिए लिया जाता है।
अगर आपकी मिनिमम सालाना इनकम 3 लाख रुपये भी है तो आप इस पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस लोन के लिए किसी गारंटर की कोई जरूरत नहीं है।
पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड होने के कारण बैंक या एनबीएफसी अधिक ब्याज वसलूते हैं। लोन लेने से पहले रिसर्च जरूर करना चाहिए।
अगर आप पर्सनल लोन की EMI से परेशान हैं और उसे कम करना चाहते हैं, तो हम कुछ टिप्स दे रहे हैं।
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि पर्सनल लोन की सीमा भी बैंक द्वारा निर्धारित सीमा के अधीन है। कुछ बैंक ₹25 लाख से ज्यादा पर्सनल लोन मंजूर नहीं करते हैं।
Bank of Maharashtra ने कहा कि ब्याज दरों में कमी का यह लाभ बैंक की अपने सभी ग्राहकों को सर्वोत्तम वित्तपोषण समाधान प्रदान करने और उनके सपनों को पूरा करने में मदद करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बहुत सारे लोग जमीन खरीदने के लिए पर्सनल लोन लेते हैं। क्या यह सही फैसला है?
पर्सनल लोन न चुकाने पर बैंक कानूनी कार्रवाई कर सकता है, रिकवरी एजेंटों को भेज सकता है जो परेशान कर सकते हैं। साथ ही आपका सिबिल स्कोर बुरी तरह खराब हो सकता है।
कई बैंक आपको अपने मौजूदा लोन को बैलेंस ट्रांसफर करने की सुविधा प्रदान करते हैं। इसके तहत बैंक आपको एक नया संभवतः बड़ी राशि का लोन प्रदान करते हैं, जिसका उपयोग आपके पुराने लोन को चुकाने और अतिरिक्त धन प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।
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