Budh Pradosh Upay: 17 दिसंबर को बुध प्रदोष का व्रत रखा जाएगा। इस दिन इन विशेष उपायों को करने से जीवन के समस्त परेशानियों से छुटकारा मिलता है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं प्रदोष उपायों के बारे में।
Pradosh Vrat December 2025: साल का आखिरी प्रदोष व्रत 17 दिसंबर को है। ये बुध प्रदोष व्रत होगा। जानिए इस दिन प्रदोष काल मुहूर्त क्या रहेगा।
Budh Pradosh 2025: प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन भोले शंकर और मां गौरी की उपासना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
Pradosh Vrat 2025: शिव भक्तों के लिए प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव की उपासना करने से भक्तों की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। तो यहां जानिए साल के आखिरी प्रदोष व्रत की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।
Mangal Pradosh 2025 Vrat Katha, Shubh Muhurat: आज मंगल प्रदोष व्रत है। जिसे भौम प्रदोष व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा का प्रदोष काल मुहूर्त 05:24 पी एम से 08:07 पी एम तक रहेगा।
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। इस व्रत को करने से महादेव भोलेशंकर की विशेष कृपा प्राप्त होती है। तो यहां जानिए कि दिसंबर में प्रदोष का व्रत कब-कब पड़ रहा है।
Bhaum Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत को भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। 2 दिसंबर को मंगलवार के दिन भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। आइए जान लेते हैं इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब रहेगा और पूजा विधि के बारे में।
Somwar Pradosh Vrat Katha: सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष व्रत या सोमवार प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। चलिए आपको बताते हैं सोमवार प्रदोष व्रत की कथा क्या है।
Pradosh Vrat November 2025: सप्ताह के सातों दिनों में से जिस दिन प्रदोष व्रत पड़ता है, उसी के नाम पर उस प्रदोष का नाम रखा जाता है। जैसे सोमवार के दिन आने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष के नाम से जाना जाता है।
Som Pradosh Vrat Katha: सोम प्रदोष व्रत 3 नवंबर 2025 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव की प्रदोष कालीन पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आइए ऐसे में जान लेते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त और कथा।
Pradosh Vrat 2025: हिंदू धर्म में हर महीने दो बार त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित होता है। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता आती है। इस बार कार्तिक मास का पहला प्रदोष व्रत 3 नवंबर को है।
Pradosh Kaal Time Today 19 September 2025: आज शुक्र प्रदोष व्रत है। इस दिन की पूजा के लिए प्रदोष काल का समय अत्यंत शुभ माना जाता है। जानिए आज प्रदोष काल कब से कब तक रहेगा।
Shukrawar Pradosh Vrat Katha PDF Download: आज शुक्र प्रदोष व्रत है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार शुक्रवार प्रदोष व्रत करने से सौन्दर्य, वैवाहिक सुख और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। यहां हम आपको बताएंगे शुक्र प्रदोष व्रत की पावन कथा।
Pradosh Vrat Upay: प्रत्येक महीने की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत करने का विधान है और 19 सितंबर आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन शिव पूजन के साथ ही कुछ उपाय करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
5 September 2025 Panchang: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 5 सितंबर को है। इसी दिन शुक्र प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।
Budh Pradosh Vrat Katha, Muhurat (बुध प्रदोष व्रत कथा): प्राचीन काल में एक पुरुष का नया-नया विवाह हुआ था जो बुधवार को ही अपनी पत्नी को उसके घर से विदा करा लाया था। जिसकी वजह से उसे कई परेशानियों का सामना करना पड़ था। आगे पढ़ें बुध प्रदोष व्रत की संपूर्ण कथा।
Pradosh Kaal Time 6 August 2025 (बुध प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2025): प्रदोष व्रत की पूजा के लिए प्रदोष काल का मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है। कहते हैं इस मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा करने से हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है।
Budh Pradosh Vrat Katha (बुध प्रदोष व्रत कथा): आज यानी 6 अगस्त 2025 को सावन महीने का आखिरी प्रदोष व्रत है। जानिए इस दिन प्रदोष व्रत की कौन सी कथा पढ़ी जाएगी।
सावन का आखिरी प्रदोष 06 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन प्रदोष काल में पूजा किए जाने का विधान है। ऐसे में इस दिन भगवान शिव को एक फूल जरूर चढ़ाना चाहिए।
आज सावन का आखिरी सोमवार मनाया जा रहा है। सावन जल्द समाप्त हो जाएगा। ऐसे में सावन का आखिरी प्रदोष व्रत भी निकट आ रहा है।
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