तिमाही में कंपनी की शुद्ध बिक्री 13.21 प्रतिशत बढ़कर 11,966 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले इसी अवधि में 10,570 करोड़ रुपये थी।
जुबिलेंट फूडवर्क्स का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 69.06 करोड़ रुपये रहा, हैवेल्स इंडिया लि. का मुनाफा बढ़कर 235.78 करोड़ रुपये पर पहुंचा
बैंक का ग्रॉस एनपीए 30 जून, 2021 को समाप्त तिमाही में घटकर 9.69 प्रतिशत रहा। एक साल पहले जून, 2020 में यह 10.90 प्रतिशत पर था
जून तिमाही में विप्रो का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बढ़कर 3242.6 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं मार्च तिमाही के मुकाबले मुनाफे में 9 प्रतिशत की बढ़त रही है।
समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल परिचालन आय 46,054.55 करोड़ रुपए रही, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 40,622.52 करोड़ रुपए के मुकाबले 13.37 प्रतिशत अधिक है।
तिमाही के दौरान आईआरसीटीसी की ऑपरेशंस से आय 71 फीसदी घटकर 131.33 करोड़ रुपये रही है। पिछले साल की इसी अवधि में आईआरसीटीसी को 459 करोड़ रुपये की आय हुई थी। तिमाही के दौरान कंपनी के सभी सेग्मेंट में तेज नुकसान देखने को मिला है।
तिमाही के दौरान कंपनी की आय 25.9 फीसदी की गिरावट के साथ 18487 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। पिछले साल की इसी तिमाही में ये आंकड़ा 24,939 करोड़ रुपये का था। वहीं अन्य आय 32 फीसदी की गिरावट के साथ 785 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई।
कंपनियों का परिचालन और वित्तीय परिणाम कोरोना वायरस महामारी और उसके चलते लागू किए गए लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुआ।
इन्वेंटरी गेन की मदद से मुनाफे में उछाल दर्ज हुआ
कारोबार से आय 5 फीसदी से ज्यादा गिरकर 10659 करोड़ रुपये
तिमाही के दौरान एसेट क्वालिटी में सुधार दर्ज हुआ
कंपनी ने बताया कि जून 2020 तिमाही के दौरान एकल आधार पर उसका शुद्ध नुकसान 2,154.24 करोड़ रुपए रहा, जो एक साल पहले जून तिमाही में 147.45 करोड़ रुपए रहा था।
तिमाही के दौरान बैंक का परिचालन लाभ 36 प्रतिशत बढ़कर 18,061 करोड़ रुपए पर पहुंच गया,
नेट इंट्रेस्ट इनकम 16.1 फीसदी की बढ़त के साथ 26641 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंची
तिमाही के दौरान कंपनी की ऑपरेशन से आय भी 34 प्रतिशत बढ़कर 16,557 करोड़ रुपये
एजीआर के लिए प्रोविजनिंग बढ़ने की वजह से घाटे में बढ़त दर्ज
कोरोना वायरस संकट को देखते हुए नतीजों के लिए समय सीमा बढ़ाई गई
ऑपरेशंस के जरिए आय में 92 फीसदी की गिरावट दर्ज
तिमाही के दौरान कंपनी की आय में 79 फीसदी की गिरावट दर्ज
बैंक के NPA पिछले साल के मुकाबले 2.19 फीसदी से बढ़कर 2.7 फीसदी रहे हैं
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