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माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल, अब नहीं होगा मऊ में उपचुनाव

 Reported By: Ruchi Kumar, Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 08, 2025 09:42 pm IST,  Updated : Sep 08, 2025 09:54 pm IST

अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल किए जाने का आदेश जारी किया गया है। ये आदेश विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी हुआ है। अब्बास अंसारी ने निचली अदालत के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

अब्बास अंसारी- India TV Hindi
अब्बास अंसारी Image Source : X/ABBASANSARI_

माफिया मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल हो गई है। अब्बास अंसारी ने 2022 का विधानसभा चुनाव मऊ से जीता था। मऊ के एमपीएमएलए कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में अब्बास अंसारी को दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद अब्बास की विधानसभा से सदस्यता खत्म कर दी गई थी।

हाई कोर्ट पहुंचे थे अब्बास अंसारी

अब्बास अंसारी ने एमपीएमएलए कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चैलेंज किया था। हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को निरस्त कर दिया था। अब विधानसभा सचिवालय ने अब्बास अंसारी की सदस्यता बहाल करने का आदेश जारी किया है।

विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी हुआ ये आदेश

विधानसभा की ओर से जारी आदेश में कहा गया, 'अब्बास अंसारी उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के समक्ष प्रस्तुत की गई पुनरीक्षण याचिका संख्या-3698/2025 में उच्च न्यायालय द्वारा अब्बास अंसारी के विरुद्ध पारित दोष सिद्ध (Conviction) के आदेश को निलम्बित (Suspend) किया गया है। उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20 अगस्त, 2025 को पारित आदेश के आलोक में अब्बास अंसारी की भारत का संविधान के अनुच्छेद-191 (ड.), सपठित धारा-8, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अंतर्गत मानी गई निरर्हता, न्यायालय द्वारा पारित किए जाने वाले आदेशों के अधीन, निष्प्रभावी मानी जाएगी।'

मऊ उपचुनाव भी टला

वहीं, अब विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी किए गए इस आदेश के बाद मऊ सदर विधानसभा सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव टल गया है। ऐसे में उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है।

जानिए क्या है मामला

बता दें कि मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के तत्कालीन विधायक अंसारी ने राज्य सरकार के अधिकारियों को 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने पर कथित तौर पर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था ‘मैंने अखिलेश भैया (पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव) से कहा है कि सरकार बनने के बाद, छह महीने तक नौकरशाहों का कोई तबादला या तैनाती नहीं होगी। सभी वहीं रहेंगे जहां वे हैं। पहले हिसाब-किताब होगा, उसके बाद ही तबादले होंगे।'

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