रविवार की सुबह तमिलनाडु-केरल सीमा के पास मयिलाडुमपराई में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जो न तो जंगल की कहानी था, न ही कोई बॉलीवुड फिल्म का सीन, बल्कि यह एक असली और मजेदार घटना थी। जहां एक बाघ और एक कुत्ता एक नौ फीट गहरे गड्ढे में जा गिरे। शायद दोनों जानवर एक-दूसरे के साथ "भागम-भाग" खेल रहे थे। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। एक बाघ और एक कुत्ता, एक ही गड्ढे में, एक साथ। जिसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने दोनों जानवरों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना को लेकर वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाघ कुत्ते के पीछे पड़ा हुआ था। शायद कुत्ते की फुर्ती ने उसे चैलेंज कर दिया था, वह उसके पीछे दौड़ा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और दोनों एक गड्ढे में "लैंडिंग" कर गए। वन विभाग की टीम को सुबह सात बजे इस अनोखे ड्रामे की खबर मिली। वे तुरंत पेरियार अभयारण्य और तमिलनाडु वन रिजर्व के बीच बने इस "गड्ढे" के पास पहुंचे। लेकिन रेस्क्यू करना इतना आसान नहीं था। बाघ को बेहोश करने की कोशिश शुरू हुई। कुछ कोशिशों के बाद बाघ को बेहोश कर दिया गया। बाद में कुत्ते को भी बेहोश करना पड़ा क्योंकि बाघ के बोहेश होने के बाद कुत्ता जोर-जोर से भौंकने लगा था।
जाल और पिंजरे की मदद से बाघ को बाहर निकाला गया और उसे एक पिंजरे में बंद कर दिया गया। कुत्ते को भी सुरक्षित निकाल लिया गया, और अच्छी खबर यह है कि दोनों को एक खरोंच तक नहीं आई। यह तो मानना पड़ेगा, गड्ढा भले ही गहरा था, लेकिन इन दोनों की किस्मत उससे भी ज्यादा मजबूत थी। अधिकारी ने बताया कि बाघ की पूरी मेडिकल जांच होगी, और अगर वह फिट पाया गया, तो उसे पेरियार अभयारण्य में रिलीज कर दिया जाएगा। वन अधिकारी ने आगे यह भी बताया कि इस इलाके में बाघ आमतौर पर दिखाई नहीं देते।

ये भी पढ़ें:
संपादक की पसंद