Viral Video : स्कॉटलैंड के एक बीच विला में तीन दिन बिताने वाले एक यात्री का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने ब्रिटेन और भारत में मेहमाननवाजी या आतिथ्य सत्कार के अंतर को उजागर किया है। इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही एक पोस्ट में कंटेंट क्रिएटर दीपांशु ने बताया कि ब्रिटेन में 2 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद, सफाई और कपड़े धोने जैसी बुनियादी सेवाएं भारत से बहुत अलग थीं, जहां मेहमानों की तुरंत मदद की जाती थी और उन्हें अपनी छुट्टियों का आनंद लेने दिया जाता था।
इंस्टाग्राम पोस्ट हुई वायरल
इस पोस्ट को इंस्टाग्राम पर nomadicdipanshu नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो के कैप्शन में लिखा है कि, 'ब्रिटेन की मेहमाननवाजी आपको आत्मनिर्भरता सिखाती है। भारतीय मेहमाननवाजी आपको सिखाती है कि वास्तव में किसी की देखभाल किए जाने का एहसास कैसा होता है। पैसे उतने ही हैं, लेकिन व्यवहार बिल्कुल अलग है।' उन्होंने बताया कि तीन दिन के प्रवास के दौरान कमरे की सफाई की सुविधा कभी नहीं दी गई, जबकि भारत में हाउसकीपिंग कर्मचारी नियमित रूप से ऐसी सेवाएं प्रदान करते हैं। यात्री ने यह भी बताया कि एक बार उन्होंने तौलिया बदलने के लिए रिसेप्शन पर फोन किया, लेकिन पूरे दिन उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया। रिसेप्शन तक पैदल चलकर जाने पर उन्हें तौलिया धोने और दोबारा इस्तेमाल करने के लिए वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल करने को कहा गया।
'भारतीयों के कोई करीब नहीं हैं'
वे बताते हैं कि, ' यूके में एक दिन अचानक गर्म पानी आना बंद हो गया। कोई अलर्ट नहीं, कोई माफी नहीं। बस व्यवहार में सुधार किया गया। भारत में गर्म पानी की व्यवस्था पहले से ही की जाती है। अगर पानी आना बंद भी हो जाए, तो कोई न कोई माफी मांगते हुए उसे ठीक करने में जुट जाता है।' उन्होंने बताया कि दोनों देशों में आतिथ्य सत्कार की परिभाषा में अंतर है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस पोस्ट को एक लाख से अधिक बार देखा जा चुका था, जिनमें से अधिकांश लोग दीपांशु के इस आकलन से सहमत थे कि भारतीय आतिथ्य सत्कार श्रेष्ठ है। एक यूजर ने लिखा कि, 'जी हां, बिल्कुल। भारतीय/एशियाई आतिथ्य सत्कार बेजोड़ है। कोई भी उनके आसपास भी नहीं है। आप चाहे कितना भी अच्छा होटल चुनें, चार सितारा हो या पांच सितारा, आतिथ्य सत्कार उतना अच्छा नहीं होता।' दूसरे ने लिखा कि, 'पश्चिमी देशों की तुलना में एशियाई देशों में आतिथ्य सत्कार कहीं बेहतर है।' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'अपने परिवार के साथ एक महीने तक पूरे यूके की यात्रा करने के बाद, जिसमें स्कॉटलैंड के कई शहरों में 10 दिन बिताना भी शामिल था, यह तुलना सबसे सटीक और सच्ची लगती है। हमें यह अनुभव बहुत पसंद आया, लेकिन यह आतिथ्य सत्कार में उन वास्तविक अंतरों को दर्शाता है जिन्हें हमने महसूस किया।' एक और यूजर ने लिखा कि, 'अगर भारत कश्मीर से कन्याकुमारी तक अपनी हवा और पर्यावरण को साफ कर ले, तो हमारी आतिथ्य सत्कार में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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