भारत में आज भी ट्रेन से सफर करने वाले लोग खूब हैं और उसी ट्रेन से जुड़े ऐसे कई सारे सवाल हैं जो लोगों के मन में तो उठते हैं मगर कभी भी उन्हें उसके जवाब नहीं मिलते हैं। आइए एक उदाहरण देते हैं। आप सभी को यह तो पता ही होगा कि ट्रेन कई बार प्लेटफॉर्म पर आने से पहले आउटर में रुक जाती है। आप देखते हैं कि कई सारे प्लेटफॉर्म खाली हैं मगर फिर भी ट्रेन आउटर में रुकी है। ऐसे में आपके मन में सवाल उठता होगा कि ऐसा क्यों होता है। खैर इस सवाल का जवाब तो आपको हमारे ये भी पढ़ें सेक्शन में मिल जाएगा। इस आर्टिकल में हम आपको एक दूसरी गजब की जानकारी देंगे जो आपको नहीं पता होगी।
क्या आपने कभी ट्रेन से जाते हुए या फिर फाटक पार करते हुए या फिर स्टेशन पर ट्रेन के अंदर बैठे हुए दूसरी पटरियों को गौर से देखा है? अगर आपने देखा है तो फिर आपको यह पता होगा कि हर कुछ दूरी पर पटरियों को जोड़ा जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पूरे ट्रैक की लंबाई के हिसाब से तो पटरियां बनने से रहीं इसलिए कई पटरियों को जोड़कर पूरा ट्रैक बनाया जाता है। अब अगर आपने पटरियों को ध्यान से देखा है तो आपने नोटिस किया होगा कि जहां पर पटरियों का जोड़ होता है, वहां उनके बीच में गैप भी छोड़ा जाता है। तो अब सवाल यह उठता है कि यह गैप क्यों छोड़ा जाता है?
आप अगर सोचते हैं कि यह गैप बस ऐसे ही छोड़ा जाता है तो फिर आप गलत हैं। अगर यह भी सोच रहे हैं कि थोड़ी सी दूरी कवर होने के लिए गैप छोड़ा जाता तो यह भी गलत है। आपको बता दें कि यह बहुत सोच समझकर किया जाता है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। दरअसल ये ट्रैक सर्दियों में सिकुड़ते हैं और वहां गर्मियों के मौसम में ये फैलते हैं। अगर ऐसे में ट्रैक के बीच में गैप नहीं छोड़ा जाएगा ताकि वो फैल सके तो टेढ़ी हो जाएंगी और ऐसे में हादसे हो सकते हैं। उम्मीद है कि आपको अब पटरियों के बीच रखे जाने वाले गैप का कारण पता चल गया होगा।
नोट: इस आर्टिकल में दी गई सारी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स पर आधारित है और इंडिया टीवी इनकी पुष्टि नहीं करता है।
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