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शेख शाहजहां के खिलाफ टीएमसी का बड़ा एक्शन, 6 साल के लिए पार्टी से किया सस्पेंड

 Published : Feb 29, 2024 03:23 pm IST,  Updated : Feb 29, 2024 03:54 pm IST

शाहजहां की गिरफ्तारी ना होने पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी बंगाल पुलिस को फटकार लगाई थी। इसके बाद आज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि शाहजहां के खिलाफ संदेशखाली की महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के भी आरोप लगाए हैं।

TMC, Sheikh Shahjahan- India TV Hindi
शेख शाहजहां 6 साल के लिए टीएमसी से सस्पेंड Image Source : FILE

कोलकाता: टीएमसी नेता और पिछले कई दिनों से फरार चल रहा शेख शाहजहां को आज पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां उसे 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। अब इसके बाद टीएमसी ने शाहजहां के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। पार्टी ने उसे 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि राशन घोटाले में शाहजहां की तलाश ईडी को कई दिनों से थी, लेकिन वहग फरार चल रहा था। पिछले दिनों जब ईडी की एक टीम उसके घर पर छापा मारने गई थी तो उसके समर्थकों ने टीम पर हमला बोल दिया था। इस हमले में कई लोग घायल हुए थे। इसके बाद से ही शाहजहां फरार चल रहा था।

डेरेक ओ ब्रायन ने की निष्कासन की घोषणा 

शाहजहां शेख को उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली से लगभग 30 किलोमीटर दूर मिनाखान में एक घर से गिरफ्तार किया गया। शेख कुछ साथियों के साथ एक घर में छिपा था। गिरफ्तार करने के बाद उसे बशीरहाट अदालत में पेश किया गया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा था कि सीबीआई, ईडी या पश्चिम बंगाल पुलिस शेख को गिरफ्तार कर सकती है। इसके 24 घंटे के भीतर ही शेख को गिरफ्तार कर लिया गया। शेख को निष्काषित करते हुए टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि कुछ पार्टियां केवल बोलती हैं लेकिन टीएमसी बोलने के साथ-साथ एक्शन भी लेती है और इसीलिए हम शेख शाहजहां को 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड करते हैं। 

5 जनवरी के बाद से भाग रहा था शेख

26 फरवरी को मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि शेख, ईडी, सीबीआई, राज्य के गृह सचिव को महिलाओं पर यौन अत्याचार और आदिवासी लोगों की जमीन हड़पने के आरोपों पर शुरू किए गए स्वत: संज्ञान मामले में पक्षकार बनाया जाए। चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने निर्देश दिया कि हाई कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा समाचार पत्रों में एक सार्वजनिक नोटिस दिया जाए जिसमें कहा गया हो कि शेख को मामले में पक्षकार बनाया गया है, क्योंकि वह भाग रहा है और ईडी अधिकारियों पर 5 जनवरी को भीड़ के हमले के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया था।

 

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