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कुलभूषण जाधव को बड़ी राहत, अब कर सकेंगे इंटरनेशनल कोर्ट में अपील

जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी एवं आतंकवाद के आरोपों में अप्रैल 2017 में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच न देने और मौत की सजा को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का रुख किया था।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: November 17, 2021 17:16 IST
Pakistan Parliament adopts Bill to give right of appeal to Kulbhushan Jadhav- India TV Hindi
Image Source : PTI कुलभूषण जाधव को बड़ी राहत मिली है।

Highlights

  • कुलभूषण को अधिकार दिया गया है कि वो अपनी सजा के खिलाफ अपील कर सकते हैं।
  • सैन्‍य अदालत की ओर से मौत की सजा का सामना कर रहे कुलभूषण जाधव को अपील करने का अधिकार नहीं था।
  • कानून मंत्री फरोग नसीम ने कहा कि अगर उन्होंने विधेयक पारित नहीं किया होता तो भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद चला जाता।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी, 51 वर्षीय कुलभूषण जाधव को बड़ी राहत मिली है। कुलभूषण जाधव अब इंटरनेशनल कोर्ट में अपील कर सकेंगे। पाकिस्तानी संसद के ज्वाइंट सेशन में इस संबंध में आज बिल पास कर दिया है। कुलभूषण को अधिकार दिया गया है कि वो अपनी सजा के खिलाफ अपील कर सकते हैं। पाकिस्तान का दावा है कि कुलभूषण जाधव को उन्होंने बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया है वो पाकिस्तान में भारत के लिए जासूसी कर रहे थे।

इससे पहले जून में पाकिस्‍तान की संसद के निचले सदन नैशनल असेंबली ने कुलभूषण जाधव को उच्‍च अदालतों में अपील करने की मंजूरी देने वाले बिल को अपनी स्‍वीकृति दे दी थी। सैन्‍य अदालत की ओर से मौत की सजा का सामना कर रहे कुलभूषण जाधव को अपील करने का अधिकार नहीं था। इस पर अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय ने पाकिस्‍तान को लताड़ लगाई थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 10 अप्रैल 2017 को बयान जारी कर कहा था कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने ईरान से अगवा किया है और उनके पास इस बात के कोई सबूत नहीं है कि कुलभूषण जाधव वहां जासूसी कर रहे थे।

जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी एवं आतंकवाद के आरोपों में अप्रैल 2017 में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच न देने और मौत की सजा को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का रुख किया था। द हेग स्थित आईसीजे ने जुलाई 2019 में फैसला दिया कि पाकिस्तान को जाधव को दोषी ठहराने और सजा सुनाने संबंधी फैसले की प्रभावी समीक्षा एवं पुनर्विचार करना चाहिए और बिना किसी देरी के भारत को जाधव के लिए राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने देने का भी अवसर देना चाहिए। 

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अपने 2019 के फैसले में पाकिस्तान को, जाधव को दी गई सजा के खिलाफ अपील करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने को कहा था। नेशनल असेंबली ने विधेयकों के पर्याप्त अध्ययन की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों के विरोधों को दरकिनार करते हुए इस विधेयक समेत 21 अन्य विधेयक भी पारित किए। सरकार ने 21 विधेयकों को एक ही बैठक में पारित कराने के लिए विधेयक संबंधी काम-काज के नियमों को स्थगित कर दिया। विधेयक पारित होने के बाद, कानून मंत्री फरोग नसीम ने कहा कि अगर उन्होंने विधेयक पारित नहीं किया होता तो भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद चला जाता और आईसीजे में पाकिस्तान के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर देता। 

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