चीन की एक और साजिश का पर्दाफाश, विदेशों में बनाए 100 से ज्यादा सीक्रेट पुलिस स्टेशन, सबसे ज्यादा इटली में, क्या है मकसद?

Chinese Police Stations in World: चीन के दुनिया के तमाम देशों में सैकड़ों पुलिस स्टेशन हैं। जिनका इस्तेमाल वह चीन से भागे लोगों को पकड़ने, धमकाने और वापस स्वदेश लाने के लिए किया जाता है।

Shilpa Written By: Shilpa @Shilpaa30thakur
Updated on: December 06, 2022 14:30 IST
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग- India TV Hindi
Image Source : AP चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

स्पेन के मानवाधिकार समूह ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि इटली में चीन के सबसे अधिक अनौपचारिक पुलिस स्टेशन हैं। जबकि दुनियाभर में इनकी संख्या 100 से अधिक है। द गार्जियन ने मैड्रिड स्थित सेफगार्ड डिफेंडर्स के हवाले से बताया कि दो स्थानीय चीनी सेफगार्ड डिफेंडर्स ने विदेशों में चीनी आबादी की निगरानी करने और असंतुष्टों को स्वदेश लौटने के लिए मजबूर करने के लिए मिलान (इटली का शहर) को एक यूरोपीय परीक्षण मैदान के रूप में कथित तौर पर इस्तेमाल किया है।  

सेफगार्ड डिफेंडर्स ने सितंबर में बताया कि दुनिया भर में कथित तौर पर 54 ऐसे स्टेशन मौजूद हैं, जिससे कनाडा, जर्मनी और नीदरलैंड सहित कम से कम 12 देशों में पुलिस जांच को बढ़ावा मिला। नागरिक अधिकार समूह ने सोमवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा कि उसने 48 अतिरिक्त स्टेशनों की पहचान की है, जिनमें से 11 इटली में हैं। अन्य नए पहचाने गए स्टेशन क्रोएशिया, सर्बिया और रोमानिया में हैं। जैसा कि गार्जियन की रिपोर्ट में कहा गया है, इटली में ये स्टेशन रोम, मिलान, बोलजानो, वेनिस, फ्लोरेंस, प्राटो (फ्लोरेंस के पास एक शहर जो इटली में है और जहां सबसे बड़ा चीनी समुदाय रहता है) और सिसिली में हैं।

चीन का इस पर क्या कहना है?

चीन ने कहा है कि ये कार्यालय केवल 'सर्विस स्टेशन' हैं, जो चीनी नागरिकों को पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाओं में सहायता के लिए स्थापित किए गए हैं। सेफगार्ड डिफेंडर्स द्वारा की गई जांच सार्वजनिक रूप से उपलब्ध चीनी बयानों और डाटा पर आधारित थी और उन देशों में स्थानीय चीनी सार्वजनिक सुरक्षा अधिकारियों द्वारा स्थापित स्टेशनों तक सीमित थी जहां एक बड़ा चीनी समुदाय है। सेफगार्ड डिफेंडर्स ने दावा किया कि जबकि स्टेशन सीधे बीजिंग द्वारा नहीं चलाए जा रहे थे, "कुछ बयान और नीतियां इन कार्यालयों की स्थापना और इन्हें प्रोत्साहित करने वाली नीतियों में केंद्र सरकार से मिलने वाले स्पष्ट मार्गदर्शन को दिखाती हैं।"

चीन के लोगों को डरा रहे पुलिस स्टशन

नागरिक अधिकार समूहों का आरोप है कि चीन द्वारा अनौपचारिक पुलिस स्टेशनों का उपयोग 'लोगों को पीड़ित करने, धमकाने, डराने और उत्पीड़न करने के लिए चीन लौटने के लिए मजबूर करने' के लिए किया जाता है। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे लोगों में गबन के आरोप में कारखाने के कर्मचारी सहित कई लोग लौटे हैं। ये कर्मचारी इटली से 13 साल बाद चीन लौटा और बिना किसी निशान के गायब हो गया।

Latest World News

India TV पर हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज़ Hindi News देश-विदेश की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ें और अपने आप को रखें अप-टू-डेट। Asia News in Hindi के लिए क्लिक करें विदेश सेक्‍शन