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भारत ने अमेरिका के साथ की बड़ी रक्षा डील, MH-60 R हेलीकॉप्टर बेड़े के लिए 7,995 करोड़ रुपये का सौदा

भारतीय नौसेना ने अपने बेड़े में एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों को शामिल करने के लिए अमेरिका के साथ करीब 8 हजार करोड़ का बड़ा रक्षा समझौता किया है। इससे भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ेगी।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Nov 28, 2025 11:49 pm IST, Updated : Nov 28, 2025 11:49 pm IST
एमएच-60 आर हेलीकॉप्टर, अमेरिका- India TV Hindi
Image Source : INDIAN NAVY एमएच-60 आर हेलीकॉप्टर, अमेरिका

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच एक और बड़ी रक्षा साझेदारी हुई है। भारत ने अमेरिका के साथ नौसेना के 24 ‘सीहॉक’ हेलीकॉप्टर बेड़े के लिए पांच वर्ष हेतु सतत समर्थन के उद्देश्य से 7,995 करोड़ रुपये का सौदा किया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस अनुबंध के तहत लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित MH-60R हेलीकॉप्टरों के लिए फॉलो-ऑन सप्लाई और फॉलो-ऑन सपोर्ट पैकेज शामिल है।

सभी मौसम में काम करेगा हेलीकॉप्टर

यह समझौता अमेरिकी विदेशी सैन्य बिक्री (FMS) कार्यक्रम के तहत पत्र ऑफर एंड एक्सेप्टेंस (LOA) के माध्यम से हस्ताक्षरित हुआ। मंत्रालय के अनुसार, यह पैकेज पुर्जों, सहायक उपकरणों, उत्पाद समर्थन, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और पुर्जों की मरम्मत जैसे प्रावधानों को कवर करता है। इससे हेलीकॉप्टरों की परिचालन उपलब्धता और रखरखाव में उल्लेखनीय सुधार होगा। MH-60R, ब्लैकहॉक का समुद्री संस्करण, सभी मौसमों में काम करने वाला बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टर है, जो एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) और एंटी-सर्फेस वारफेयर (ASuW) क्षमताओं से लैस है। 

2020 में भी हुआ था 15 हजार करोड़ से अधिक का रक्षा समझौता

भारत ने इससे पहले फरवरी 2020 में 24 MH-60R हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए 15,157 करोड़ रुपये का मूल समझौता किया था। पहले तीन हेलीकॉप्टर 2021 में सौंपे गए थे, और पूरी बेड़ा INAS 334 स्क्वाड्रन के रूप में मार्च 2024 में कोच्चि के INS गरुड़ पर तैनात हुआ। मंत्रालय ने कहा कि यह सौदा दीर्घकालिक क्षमता निर्माण सुनिश्चित करेगा और अमेरिकी सरकार पर निर्भरता कम करेगा, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण के अनुरूप है। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और अन्य भारतीय फर्मों के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों व सेवाओं का विकास होगा। मध्यवर्ती स्तर के पुर्जा मरम्मत और आवधिक रखरखाव सुविधाओं का भारत में विकास भी शामिल है।

इस सौदे से नौसेना को हेलीकॉप्टरों को फैले हुए स्थानों और जहाजों से संचालित करने की क्षमता मिलेगी, जिससे प्राथमिक व द्वितीयक मिशनों में इष्टतम प्रदर्शन सुनिश्चित होगा। यह भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को मजबूत करने वाला कदम है, जो समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देगा। (भाषा)

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