भारत ने पाकिस्तान के तीन एयरबेस पर मिसाइल से हमला किया है। ये दावा खुद पाकिस्तान की सेना ने किया है। पाकिस्तानी सेना के मुताबिक भारत की ओर से किए गए मिसाइल हमलों में पाकिस्तान के तीन एयरबेस तबाह हो गए हैं। पाकिस्तानी सेना के मुताबिक जिन तीन एयरबेस पर हमला किया गया है, उनमें रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस, चकवाल का मुरीद एयरबेस और शोरकोट का रफीकी एयरबेस शामिल है। इन तीनों एयरबेस को भारतीय हमले में भारी नुकसान हुआ है। भारत के इस हमले के बाद पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। इससे पहले पाकिस्तान अपने नागरिक विमानों को हथियार बनाकर अपने एयरस्पेस का यूज हमले के लिए कर रहा था। आइये पाकिस्तान के रफीकी एयरबेस के बारे में जानते हैं।
पाकिस्तान का रफीकी एयरबेस पाकिस्तानी पंजाब के झंग जिले में शोरकोट के पास स्थित है। पहले इसे पीएएफ बेस शोरकोट के नाम से जाना जाता था। रफीकी एयरबेस इस्लामाबाद से लगभग 337 किमी दक्षिण में है। इस एयरबेस पर एक 10,000 फुट लंबा रनवे और एक समानांतर टैक्सीवे है, जिसका उपयोग आपातकालीन लैंडिंग और विमान की रिकवरी के लिए किया जा सकता है। बेस का नाम स्क्वाड्रन लीडर सरफराज अहमद रफीकी के सम्मान में रखा गया, जो एक सम्मानित फाइटर पायलट थे।
सरफराज अहमद रफीकी ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान छापे मारे थे। 1965 के युद्ध में IAF ने पाकिस्तान के सबसे सुरक्षित बेस पर हमला किया और 10 विमानों को नष्ट कर दिया था। इसे सेंट्रल एयर कमांड के तहत नंबर 34 (टैक्टिकल अटैक) विंग नामित किया गया है। बेस नंबर 15 टीए, नंबर 22 ओसीयू, नंबर 25 टीए, नंबर 27 टीए और नंबर 83 एसएआर (अलौएट III) इकाइयों का संचालन करता है। अनिवार्य रूप से यह मिराज III एयरबेस है।
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