इजरायल और ईरान के बीच जंग छिड़ चुकी है। शुक्रवार को इजरायल ने 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' शुरू किया और ईरान की राजधानी तेहरान, न्यूक्लियर पावर सेंटर नातांज, मिसाइल लॉन्च सेंटर तबरेज और काउंटर स्ट्राइक सेंटर शिराज समेत तमाम शहरों पर बम बरसाए। इजरायल के इस हमले में ईरान के कई सैन्य अधिकारी मारे गए हैं और न्यूक्लियर ठिकानों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। ईरान ने भी इसके जवाब में इजरायल पर ड्रोन दागे लेकिन इन्हें सीमा पर ही मार गिराया गया है। अब जानकारी सामने आई है कि इजरायल ने शुक्रवार की रात को एक बार फिर से ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं।
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सरकार से संबंधित एक न्यूज एजेंसी ने शुक्रवार को जानकारी दी है कि ईरान के फोर्डो परमाणु स्थल के पास दो विस्फोटों की आवाज सुनी गई है। जानकारी के मुताबिक, ईरान का ये न्यूक्लियर ठिकाना जमीन के सैकड़ों मीटर नीचे है। इसके अलावा इजरायल ने दावा किया है कि उसने इस्फ़हान में ईरानी परमाणु स्थल पर हमला किया है। ईरान की आधिकारिक आईआरएनए समाचार एजेंसी ने बताया कि पूर्वी अजरबैजान प्रांत में तबरीज के पास एक रडार स्थल पर भी हमला हुआ है। पूर्वी अजरबैजान में स्थित ईरान के 11 सैन्य स्थलों पर हमला हुआ है। इन हमलों में 18 लोग मारे गए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को सुबह-सुबह इजरायल के हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के चीफ- जनरल हुसैन सलामी, ईरान की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ- जनरल मुहम्मद बघेरी, ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के हेड जनरल अमीर अली हाजीज़ादेह समेत कुल 78 लोगों की मौत हुई है। ईरान ने ये भी कनफर्म किया है कि इजराइली अटैक में उसके टॉप के छह न्यूक्लियर साइंटिस्ट भी मारे गए हैं। 1980 के इराक़ युद्ध के बाद से ये ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला है।
ईरान ने भी इजरायल पर 100 से ज़्यादा ड्रोन्स से अटैक किया लेकिन इजरायल के एयर डिफेंस ने ज़्यादातर ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया। हालांकि, ईरान के हमले से बचने के लिए इजरायल ने अपने सबसे बड़े हवाई अड्डे, बेन गुरियन एयरपोर्ट को ख़ाली करा लिया है और लोगों को बंकर में जाने के लिए कहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खमेनेई ने कहा है कि इजरायल को इस हमले की सजा भुगतनी पड़ेगी। तो वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौता नहीं किया तो उसे और भी खतरनाक हमले झेलने पड़ेंगे। (इनपुट: भाषा)
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'और खतरनाक हमला होगा...', डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को क्यों दे दी ऐसी धमकी?
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