Malaysia Elections: मलेशिया में आम चुनाव के बाद खड़ा हुआ राजनीतिक संकट, किसी पार्टी को नहीं मिला बहुमत, बनी त्रिशंकु संसद

Malaysia Election 2022: मलेशिया में हुए आम चुनाव में किसी भी राजनीतिक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। देश में चुनावों के बाद त्रिशंकु संसद बनी है। जिससे यहां राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है।

Shilpa Edited By: Shilpa @Shilpaa30thakur
Updated on: November 20, 2022 23:27 IST
मलेशिया में आम चुनाव के बाद त्रिशंकु संसद बनी- India TV Hindi
Image Source : AP मलेशिया में आम चुनाव के बाद त्रिशंकु संसद बनी

मलेशिया में रविवार को उस समय नया राजनीतिक संकट पैदा हो गया, जब कड़े मुकाबले वाले आम चुनाव में त्रिशंकु संसद बनी और किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। आश्चर्यजनक रूप से इस्लामिक पार्टी के समर्थन में वृद्धि हुई है। विपक्षी नेता अनवर इब्राहिम के सुधारवादी गठबंधन को संसद की 220 सीट में से सबसे अधिक 83 सीट मिली हैं लेकिन वह बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मुहिद्दीन यासीन के नेतृत्व वाले ‘नेशनल अलायंस’ को 73 सीट मिली हैं। ‘यूनाइटेड मलयज नेशनल ऑर्गेनाइजेशन’ (यूएमएनओ) की अगुवाई वाले गठबंधन ने बहुत खराब प्रदर्शन किया है और उसे महज 30 सीट ही मिली हैं। इस गठबंधन ने ब्रिटेन से आजादी मिलने से लेकर 2018 तक मलेशिया पर शासन किया।

चुनाव में हार का सामना करने वाले लोगों में दो बार के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद (97) भी शामिल हैं, जो एक अलग मलय आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। मलेशिया की 3.3 करोड़ आबादी के दो तिहाई ग्रामीण मलय लोगों को डर है कि अधिक बहुलता के साथ वे अपने अधिकारों को खो सकते हैं। इनमें बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक जातीय चीनी और भारतीय लोग शामिल हैं। इसके साथ ही यूएमएनओ के भ्रष्टाचार ने मुहिद्दीन के गठबंधन को फायदा पहुंचाया है। इसकी सहयोगी पैन-मलेशियन इस्लामिक पार्टी या पीएएस अहम विजेता बनकर उभरी है। 

शुरू हो सकता है खरीद-फरोख्त  का दौर

इस चुनाव के नतीजों से खरीद-फरोख्त का दौर शुरू हो सकता है क्योंकि सरकार बनाने के लिए मुहिद्दीन और अनवर दोनों के बीच खींचतान चल सकती है। उन्हें बोर्नियो द्वीप के दो गठबंधनों के समर्थन की आवश्यकता पड़ेगी, जिनके पास संयुक्त रूप से 28 सीट हैं। अनवर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने बहुमत हासिल करने के लिए सांसदों से लिखित में समर्थन हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि इसे देश के राजा को सौंपा जाएगा, जो अंतिम फैसला करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमने बहुमत हासिल कर लिया है... बहुमत का मतलब है 111 से अधिक सीट।’’ इस बीच, मुहिद्दीन ने कहा कि उन्हें राजमहल से एक पत्र मिला है, जिसका संकेत है कि उनके गठबंधन को सरकार बनाने में प्राथमिकता दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थिर सरकार बनाने का भरोसा है।

यूएमएनओ के नेता अहमद जहीद हामिदी ने एक बयान में कहा कि उनके गठबंधन ने नतीजों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि नेशनल फ्रंट स्थिर सरकार बनाने के लिए मतभेदों को दरकिनार रखना चाहता है। दो संघीय सीट पर एक उम्मीदवार के निधन और खराब मौसम के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया। बारिसन नेशनल गठबंधन 1957 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद से देश की सत्ता पर काबिज रहा, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते वर्ष 2018 के चुनाव में उसे अनवर के गठबंधन पीएच से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस चुनाव के बाद एक समय शक्तिशाली रहे यूएमएनओ के नेताओं को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल जाना पड़ा और मलेशिया में बदलाव की उम्मीद जगी, लेकिन दलबदल के कारण 2020 की शुरुआत में पीएच सरकार गिर गई और एक बार फिर यूएमएनओ सत्ता में आ गया।

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