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मुंबई हमलों में शामिल आतंकियों के लिए तहव्वुर राणा ने की थी 'निशान-ए-हैदर' की वकालत, कहा था 'भारतीय इसके हकदार हैं'

Edited By: Amit Mishra @AmitMishra64927 Published : Apr 11, 2025 01:56 pm IST, Updated : Apr 11, 2025 02:00 pm IST

26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों में 166 लोग मारे गए थे और 238 से अधिक लोग घायल हुए थे। इन हमलों को लेकर तहव्वुर राणा ने लश्कर आतंकवादियों की तरीफ की थी साथ ही भारत के खिलाफ जहर उगला था।

तहव्वुर हुसैन राणा (R) डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाउद गिलानी (L)- India TV Hindi
Image Source : PTI तहव्वुर हुसैन राणा (R) डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाउद गिलानी (L)

26/11 Mumbai Attack: 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य आरोपियों में से एक तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया है। तहव्वुर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाउद गिलानी का करीबी है। राणा 1990 के दशक के अंत में कनाडा जाने से पहले पाकिस्तान आर्मी मेडिकल कोर में काम कर चुका था और उसने एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी फर्म शुरू की थी। बाद में वह अमेरिका चला गया था।

एनआईए की हिरासत में राणा 

फिलहाल, एनआईए ने तहव्वुर हुसैन राणा को 18 दिन की हिरासत में ले लिया है। एनआईए राणा से 26/11 के आतंकवादी हमले के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए पूछताछ की जाएगी। राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद बृहस्पतिवार को भारत लाया गया था और यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर औपचारिक रूप से उसे गिरफ्तार करने के बाद पटियाला हाउस स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया था। एनआईए अदालत के विशेष न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह ने उसे 18 दिन की हिरासत में भेज दिया जबकि एनआईए ने उसकी 20 दिन की हिरासत का अनुरोध किया था।

'भारतीय इसके हकदार हैं

इस बीच अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) ने एक बयान में कहा कि भारत की वित्तीय राजधानी मंबई पर हमलों के बाद राणा ने हेडली से कहा कि भारतीय इसके 'हकदार' हैं। न्याय विभाग ने कहा कि हेडली के साथ "इंटरसेप्ट की गई बातचीत में, राणा ने उन 9 लश्कर आतंकवादियों की प्रशंसा की, जो हमले में मारे गए थे, और कहा कि "उन्हें निशान-ए-हैदर दिया जाना चाहिए।"

26 नवंबर 2008 को हुआ था हमला

26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने समुद्री मार्ग से भारत की आर्थिक राजधानी में घुसने के बाद वहां सीएसटी, दो आलीशान होटलों और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था। भारतीय सुरक्षा बलों मुबंई हमलों में शामिल 9 आतंकवादियों को मार गिराया था। हमला करने वाले एकमात्र जीवित आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को 2012 में फांसी पर लटका दिया गया था।

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