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यूक्रेन में युद्ध विराम को लेकर पुतिन के बाद अब रूसी रक्षामंत्री सर्गेई ने भी दिया बड़ा बयान, कहा-हर कोई चाहता है शांति

 Written By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Sep 10, 2023 04:29 pm IST,  Updated : Sep 10, 2023 04:29 pm IST

रूस-यूक्रेन युद्ध विराम को लेकर जी-20 सम्मेलन के इतर पूछे गए एक सवाल के जवाब में रक्षामंत्री सर्गेई ने बड़ा बयान दिया है। सर्गेई लावरोव ने युद्ध मां शांति की बात करते हुए कहा कि हर कोई युद्ध में शांति चाहता है। हमने शांति के लिए 18 महीने पहले एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था। मगर जेलेंस्की को इस पर हस्ताक्षर नहीं किया।

सर्गेई लावरोव, रूसी रक्षामंत्री- India TV Hindi
सर्गेई लावरोव, रूसी रक्षामंत्री Image Source : AP

जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने आए रूस के रक्षामंत्री सर्गेई लावरोव ने भी यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बाद अब सर्गेई लावरोव ने भी युद्ध में शांति की बात कही है। इससे पहले अगस्त में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पुतिन ने कहा था कि वह युद्ध का अंत चाहते हैं। उन्होंने यूक्रेन युद्ध को भड़काने और इसे जारी रखने के पीछे पश्चिमी देशों को जिम्मेदार बताया। पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश नहीं चाहते कि युद्ध का अंत हो सके। मगर वह जल्द ही इसका अंत करना चाहते हैं। रूसी राष्ट्रपति के बयान के बाद सर्गेई का शांति वाला बयान यूक्रेन युद्ध के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम की शुरुआत को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में रूसी रक्षामंत्री मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि, "...हर कोई शांति चाहता है। " उन्होंने कहा कि लगभग 18 महीने पहले हम समाधान के बारे में एक संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हुए थे। "हमने इन संघर्ष के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए थे। उसके बाद एंग्लो-सैक्सन ने ज़ेलेंस्की को इस पर हस्ताक्षर न करने का आदेश दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि वे हमसे कुछ स्वीकारोक्ति प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

सर्गेई ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने भी हाल ही में कहा है कि हमें बातचीत से कोई आपत्ति नहीं है ऐसी किसी भी बातचीत के लिए ज़मीनी हकीकतों पर विचार करने और उन कारणों को ध्यान में रखने की ज़रूरत है जो नाटो की आक्रामक नीति के कारण दशकों से जमा हो रहे हैं। अभी यूक्रेनी अधिकारी रूसियों को शारीरिक रूप से नष्ट करने की धमकी दे रहे हैं।"

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