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ग्रीनलैंड: 9 दिनों तक हर 92 सेकंड में आ रहे थे भूकंप के झटके, आखिर क्या थी वजह? वैज्ञानिकों ने रहस्य से उठाया पर्दा

 Published : Jun 08, 2025 08:25 am IST,  Updated : Jun 08, 2025 09:00 am IST

ग्रीनलैंड में 9 दिनों तक लगातार आ रहे भूंकप के झटकों से लोग काफी हैरान रह गए थे। वैज्ञानिकों ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है। ये भूकंप के झटके किन कारणों से आ रहे थे? इसकी एक-एक वजह वैज्ञानिकों ने बताई है।

ग्रीनलैंड में भूकंप के झटके- India TV Hindi
ग्रीनलैंड में भूकंप के झटके Image Source : INDIA TV GFX

ग्रीनलैंड में 9 दिनों तक भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जो करीब हर 92 सेकंड में भूकंप के झटके आ रहे थे। ये घटना सितंबर 2023 में हुई थी। ग्रीनलैंड (Greenland) उत्तरी अमेरिका और यूरोप के बीच आर्कटिक और अटलांटिक महासागरों में स्थित एक विशाल द्वीप है।

पूरे विश्व का ला दिया चिंता में

वैज्ञानिकों ने सितंबर 2023 में घटित होने वाली इस असामान्य घटना का पता लगा लिया है। इस विशाल द्वीप में पूरे 9 दिन तक भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस घटना ने पूरे विश्व को चिंता में ला दिया था। हालांकि, पहले तो वैज्ञानिक हैरान रह गए, लेकिन बाद में पता चला कि इसका स्रोत पूर्वी ग्रीनलैंड के सुदूर डिक्सन फजॉर्ड (Dickson Fjord) में है, जो एक संकरी खाड़ी है। ये 3,000 फीट ऊंची चट्टानों से घिरा हुआ क्षेत्र है।

नासा की सैटेलाइट इमेज से खुला रहस्य से पर्दा

नासा को नए सैटेलाइट इमेज में अब एक ताजा निशान दिखा है, जहां पहाड़ का एक हिस्सा गायब हो गया था। जो यह दर्शाता है कि कोई विशालकाय चीज पानी से टकराई थी, जिससे फिओर्ड गतिमान हो गया था। यह घटना पारंपरिक भूकंप नहीं थी, बल्कि एक विशाल भूस्खलन (landslide) और इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न मेगा-सुनामी (mega-tsunami) के कारण हुई थी।

भारी पहाड़ में पानी में आकर गिरा

16 सितंबर, 2023 को इस क्षेत्र में करीब 25 मिलियन क्यूबिक गज से अधिक चट्टान और बर्फ जो 10,000 विशाल ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल भरने के लिए पर्याप्त थी। डिक्सन फजॉर्ड में ये भारी पहाड़ टूटकर गिर गया था। 

सांकेतिक तस्वीर
Image Source : FREEPIKसांकेतिक तस्वीर

650 फीट की ऊँचाई तक पहुंच उठीं लहरें

इस कारण एक बड़ी सुनामी शुरू हो गई। इसकी लहरें 650 फीट की ऊँचाई तक पहुंच गईं थी। ये लहरें फजॉर्ड के दो मील के गलियारे में उछलीं, चट्टानों से टकराईं और वापस उछलीं। इससे एक पानी में छलकाव पैदा हुआ। ये दोलनशील गति में बार-बार आगे-पीछे होता रहा था। इससे पृथ्वी की सतह यानी ग्रीनलैंड के विशाल द्वीप पर कई दिनों तक एक स्थिर लय में कम आवृत्ति की भूकंपीय ऊर्जा उत्पन्न होती रही।

इस तकनीक का किया गया इस्तेमाल

इस पहेली को सुलझाने का श्रेय सतही जल और महासागर स्थलाकृति (SWOT) को जाता है, जो नासा और फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा 2022 में शुरू किया गया एक संयुक्त मिशन है। इस डेटा का उपयोग करते हुए, वैज्ञानिकों ने पानी की ऊँचाई में सूक्ष्म परिवर्तन देखे, जिसमें दो मीटर तक की ढलान थी। यह फजॉर्ड के पार जा रही थी। ये लहरें सीश से अपेक्षित दोलन से मेल खाती थीं। वैज्ञानिकों ने गैप को भरने के लिए समय के साथ वेव व्यवहार का मापने के लिए मशीन लर्निंग का उपयोग किया गया।

सामान्य भूकंप कुछ मिनट के होते हैं

यह पहली बार था जब पानी की गति से उत्पन्न सिस्मिक तरंगें इतने लंबे समय तक और वैश्विक स्तर पर दर्ज की गईं। सामान्य भूकंप कुछ मिनट या घंटों तक चलते हैं, लेकिन यह नौ दिनों तक होता रहा। अब इस रहस्य से वैज्ञानिकों ने पर्दा उठा दिया है।

जानिए कहां है ग्रीनलैंड और कितनी है आबादी?

ग्रीनलैंड एक विशाल बर्फ से ढका आर्कटिक द्वीप है, जो डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। यह आर्कटिक महासागर और उत्तरी अटलांटिक महासागर के बीच फैला है। तटीय क्षेत्रों में चट्टानी पहाड़, गहरे फजोर्ड्स, और ग्लेशियर हैं। ग्रीनलैंड की आबादी 55,745 से 56,884 के बीच अनुमानित है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप भी कहा जाता है।

 

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