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भारतीयों को ब्रिटेन से लग सकता है ये झटका, छात्रों ने लंदन में शुरू किया ‘फेयर वीजा, फेयर चांस

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Apr 05, 2024 07:27 pm IST,  Updated : Apr 05, 2024 07:27 pm IST

ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के ने फेयर वीजा, फेयर चांस शुरू किया है, क्योंकि वीजा नियमों में सहूलियत घटने की आशंका है। यूके के गृह कार्यालय के अनुसार, 213,250 छात्रों को ‘ग्रैजुएट रूट’ के जरिये वीजा दिया गया है और इसमें भारतीय छात्रों की संख्या काफी अधिक है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : AP

लंदनः ब्रिटेन में भारतीय छात्रों को वीजा मामले में झटका लग सकता है। इस आशंका के मद्देनजर ब्रिटेन के एक प्रमुख छात्र संगठन ने ‘ग्रैजुएट रूट’ वीजा के पक्ष में ‘फेयर वीजा, फेयर चांस’ नाम से एक नया अभियान शुरू किया है। आपको यह जानना जरूरी है कि ‘ग्रैजुएट रूट’ वीजा अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को उनकी डिग्री के बाद दो साल के लिए ब्रिटेन में रहने और कार्य अनुभव प्राप्त करने का मौका देता है। इसकी शुरुआत तीन वर्ष पूर्व की गई थी और तब से ही यह भारतीय छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

दरअसल, एक स्वतंत्र विस्थापन सलाहकार समिति (एमसीए) को ब्रिटेन के गृह मंत्री जेम्स क्लेवरली ने ‘ग्रैजुएट रूट’ वीजा की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह उस उद्देश्य को पूरा करता है या नहीं, जिसके लिए इसे बनाया गया है। माना जा रहा है कि समिति अगले माह तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। ‘नेशनल इंडियन स्टूडेंट्स एंड एलुमनी यूनियन’ (एनआईएसएयू) ने ही इस वीजा के लिए अभियान चलाया था, उसे डर है कि इस वीजा अवधि को कम किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय छात्रों का ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में है बड़ा योगदान

ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (एपीपीजी) के सह-अध्यक्ष लॉर्ड करन बिलिमोरिया ने कहा, ‘‘स्नातकोत्तर के बाद दो साल तक काम करने से अंतरराष्ट्रीय छात्रों को मौका मिलता है कि वे अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सकें, कुछ छात्रों को बेहतरीन कार्य अनुभव प्राप्त करने आदि में मदद मिलती है।’’ उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ‘ग्रैजुएट रूट’ को कम किया गया, तो यह ब्रिटेन के लिए अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय छात्र ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में 42 अरब जीबीपी का योगदान करते हैं। ब्रिटेन के गृह कार्यालय के अनुसार, 213,250 छात्रों को ‘ग्रैजुएट रूट’ के जरिये वीजा दिया गया है और इसमें भारतीय छात्रों की संख्या काफी अधिक है। (भाषा) 

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